हमारे किसान करेंगे अबकी बार गेहूं की बंपर पैदावार, 100 मिलियन टन तक जा सकता है उत्पादन

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Yuva Haryana

Panchukula (21 March 2018)

देश में गेहूं का उत्पादन इस वर्ष 100 मिलियन टन (मीट्रिक टन) के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रमुख गेहूं-उत्पादक राज्यों में जलवायु की स्थिति अनुकूल है, और पानी की मात्रा भी पर्याप्त है जिसके कारण इस साल फसल अच्छी पैदा होने के अनुमान है। किसानों का भी मानना है कि जलवायु फसल के अनुकूल है, खास तौर से मार्च में, जब अनाज पूरी तरफ से पके होते हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने पिछले महीने जारी किए अपने अनुमानों में इस साल 97.11 मिलियन टन गेहूं उत्पादन की भविष्यवाणी की है। हालांकि, फसल के लिए हर पहलू में उपयुक्त स्थिति होने के कारण उत्पादन 100 मिलियन टन से ज्यादा होगा।

पिछले साल देश में गेहूं का उत्पादन 98.51 मिलियन टन था। 2016-17 में, मंत्रालय ने अपने दूसरे उन्नत अनुमानों में 96.64 मिलियन टन का उत्पादन अनुमानित किया था, लेकिन मार्च में तापमान में अचानक वृद्धि के बावजूद वास्तविक उत्पादन 98.51 मिलियन टन तक पहुंच गया था। अबकी बार मार्च में  तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद है, जो गेहूं का उत्पादन भरपूर करेगा।

गेहूँ की कटाई गुजरात और मध्य प्रदेश में पहले ही शुरू हो गई है और यह अगले कुछ दिनों में पश्चिमी राजस्थान में भी शुरू हो जाएंगी, जबकि पंजाब और हरियाणा में कटाई की प्रक्रिया अप्रैल की शुरुआत में होगी।

खाद्य मंत्रालय ने इस साल 32 मिलियन टन की खरीद का फैसला किया है, जिसमें पंजाब से 11.9 मिलियन टन, हरियाणा से 7.4 मिलियन टन, मध्य प्रदेश से 6.7 मिलियन टन और उत्तर प्रदेश से 40 लाख टन का उत्पादन हो सकता है।

वहीं केंद्र ने इस साल गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में 1,735 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा की है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में गेहूं के उत्पादन में भारत का हिस्सा 2017-18 में 15.36 प्रतिशत पर दर्ज किया गया था। चीन सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश रहा, इसके बाद भारत और रूस। बता दें कि भारत से गेहूं सबसे ज्यादा निर्यात नेपाल, बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात में होता हैं।

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