इंडिया में व्हाटसऐप हो जाएगा बंद? कंपनी को मंजूर करनी होगी यह शर्त

Breaking चर्चा में देश बड़ी ख़बरें बिजनेस सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana,

New Delhi, 08 Feb,2019

भारत दुनिया में सोशल मीडिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है, ऐसे में भारत में कारोबार कर रहीं सोशल मीडिया कंपनियों के लिए भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित कुछ नियम स्वीकार करने मुश्किल हो रहे हैं। अगर ये नियम लागू हो जाते हैं तो इससे व्हाटसऐप  के वर्तमान रूप के अस्तित्व पर भारत में खतर हो सकता है।

भारत में व्हाटसऐप  के 20 करोड़ मासिक यूजर्स हैं और यह कंपनी के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। कंपनी के दुनिया भर में कुल 1.5 अरब यूजर्स हैं। हालांकि कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि वह कब से इस सेवा को बंद कर सकती है। कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि नई सोशल मीडिया नीति लागू होने के बाद एप का संचालन भारत में मुश्किल हो जाएगा।

व्हाटसऐप के मीडिया कम्युनिकेशन प्रमुख कार्ल वूग के मुताबिक “प्रस्तावित नियमों में से जो सबसे ज्यादा चिंता का विषय है, वह मैसेजेज का पता लगाने पर जोर देना है।” उन्होंने कहा, “प्रस्तावित बदलाव जो लागू होने जा रहे हैं, वह मजबूत गोपनीयता सुरक्षा के अनुरूप नहीं हैं, जिसे दुनिया भर के लोग चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “हम एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मुहैया कराते हैं, लेकिन नए नियमों के तहत हमें हमारे उत्पाद को दोबारा से गढ़ने की जरूरत पड़ेगी।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसी स्थिति में मैसेजिंग सेवा अपने मौजूदा स्वरूप में मौजूद नहीं रहेगी।

फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हाटसऐप  डिफाल्ट रूप से एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन की पेशकश करता है, जिसका मतलब यह है कि केवल भेजनेवाला और प्राप्त करनेवाला ही संदेश को पढ़ सकता है और यहां तक कि व्हाटसऐप  भी अगर चाहे तो भेजे गए संदेशों को पढ़ नहीं सकता है। वूग का कहना है कि इस फीचर के बिना व्हाटसऐप  बिल्कुल नया उत्पाद बन जाएगा।

वूग ने नए नियम लागू होने के बाद भारतीय बाजार से बाहर निकल जाने की संभावना को खारिज नहीं करते हुए कहा, “इस पर अनुमान लगाने से कोई मदद नहीं मिलेगी कि आगे क्या होगा। इस मुद्दे पर भारत में चर्चा करने के लिए एक प्रक्रिया पहले से ही है।”

एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन फीचर से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अफवाह फैलानेवाले अभियुक्तों तक पहुंचना मुश्किल होता है। लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नियमों के तहत उनके अपनी सेवाओं के दुरुपयोग और हिंसा फैलाने से रोकने के लिए एक उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *