Home Breaking रोडवेज और MPHW कर्मचारियों के समर्थन में उतरी इनेलो, तुगलकी फरमान को वापस लेने की मांग

रोडवेज और MPHW कर्मचारियों के समर्थन में उतरी इनेलो, तुगलकी फरमान को वापस लेने की मांग

0
0Shares
Yuva Haryana
Chandigarh, 31 August, 2018
हरियाणा रोडवेज और बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के समर्थन में अब इनेलो भी उतर आई है। इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने प्रदेश सरकार द्वारा बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों (एमपीएचडब्ल्यू) और रोडवेज कर्मियों पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लगाने की कड़ी निंदा की है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा है कि भाजपा सरकार का कर्मचारियों के प्रति दमनकारी रवैया उसकी तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रजातांत्रिक तरीका तो यह है कि सरकार कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करे। किंतु सरकार ऐसा न कर उन्हें दमनकारी कानून द्वारा दबाने का प्रयास कर रही है, जो निंदनीय है।
एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की मांगों को उनका हक बताते हुए अशोक अरोड़ा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी ‘समान काम समान वेतन’ दिए जाने के पक्ष में टिप्पणी की है जबकि प्रदेश सरकार ठेका प्रथा को और निजीकरण के नाम पर कर्मचारियों का शोषण कर रही है। उन्होंने  यह भी कहा कि रोडवेज में निजीकरण के नाम पर केवल चहेतों को लाभ पहुचाना है।
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने चार साल के राज में पांचवी बार एस्मा लगाया है जबकि होना यह चाहिए था कि सरकार कर्मचारियों को ‘टैबल टॉक’ के लिए आमंत्रित करती और उनकी समस्याओं का हल निकालती।
उन्होंने कहा कि एस्मा लगाना किसी समस्या का समाधान नहीं है, यह कर्मचारियों को केवलमात्र प्रताडि़त करना है। सरकार उन्हें नौकरियों से निकालने का डर दिखाकर तानाशाही कर रही है। इस तरह के फैसलों से सरकार कर्मचारियों के संवैधानिक हकों का हनन कर रही है जिससे यह साबित होता है कि सरकार का समस्याओं को निपटारा करने के लिए लोकतांत्रिक तरीकों में कोई विश्वास नहीं है।
अशोक अरोड़ा ने यह भी कहा मुख्यमंत्री और उनका कैबिनेट सत्ता के नशे में चूर है लेकिन वह यह न भूले कि कर्मचारियों के प्रति इसी तरह का अडिय़ल रवैया भूतपूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने भी अपनाया था और रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा लागू किया था। जिसका खमियाजा उन्हें अपनी सरकार गंवाकर भुगतना पड़ा था।
अशोक अरोड़ा ने मांग की कि सरकार एस्मा लागू करने का तुगलकी फरमान वापिस ले। यदि सरकार ऐसा नहीं करती तो उसकी दमनकारी नीतियों का जबाव प्रदेश की जनता आगामी लोकसभा और विधानसभा के चुनावों में देगी।
Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

लॉकडाउन में पति के पास रहते प्रेमी से नहीं मिल पा रही थी पत्नी, प्रेमी संग मिलकर कर दी पति की हत्या

Yuva Haryana, Faridabad फरीदाबाद क&#…