सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार की खोली पोल, नौकरियों में युवाओं से हो रहा है धोखा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 01 July, 2018

हिसार से इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आज सांसद दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की सरकार की तरफ से नौकरियों में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल उठाए।

सांसद ने आरोप लगाया कि मनोहर लाल खट्टर सरकार ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों का निजीकरण करने का पूरा बंदोबस्त कर लिया है। सरकार अब स्कूलों में कर्मचारियों की नियमित भर्ती करने की बजाय निजी कंपनियों की मार्फत भर्ती करेगी। सरकार के इस निर्णय के दायरे में प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च, सेंकडरी विद्यालयों के अलावा आरोही स्कूल व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी आ गए हैं। कर्मचारियों की भर्ती से शुरू किए गए निजीकरण के इस निर्णय पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं मुहर लगाई है। शिक्षा के निजीकरण की दिशा में उठाए गए सरकार के इस कदम के प्रथम चरण में इन विद्यालयों में ग्रुप सी व डी कर्मचारियों की भर्ती का जिम्मा निजी कंपनियों को दे दिया है। यह खुलासा रविवार को इनेलो संसदीय दल के नेता व हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला ने इनेलो पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि निजीकरण की पहल करते हुए एक कंपनी द्वारा प्राथमिक स्कूल में जेबीटी शिक्षकों की रिक्त पोस्ट के अगेंस्ट जारी किया गया है।

इनेलो सांसद ने कहा कि इन कंपनियों के साथ 7 वर्ष का अनुबंध किया है। इस अनुबंध के तहत कंपनियों को कर्मचारी भर्ती करने का अधिकार होगा और इसके बदले में कंपनियों को 2.01 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। निजी कंपनियों के माध्यम से भर्ती होने वाले कर्मचारियों को एकमुश्त वेतन दिया जाएगा। सांसद ने कहा कि ये कंपनियां जल्द ही प्राथमिक स्कूलों में खाली पड़े तीन हजार पदों पर भर्ती करने जा रही  हैं।

इनेलो सांसद ने यह भी कहा कि सरकार के इस निर्णय से न केवल रोजगार पाने के समानता के अधिकारों का हनन हुआ है बल्कि संविधान में दी गई आरक्षण के प्रावधानों को भी अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि गुजरात के माडल पर खट्टर सरकार द्वारा अपनाई जा रही यह आउटसोर्सिंग की नीति हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन व रोजगार कार्यालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं के लिए खतरे की घंटी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ग्रुप सी व डी की भर्ती के लिए विभिन्न विभागों के लिए हरियाणा स्टाफ सलेक्शन कमीशन है तो फिर इन फर्मों को करोड़ों रूपये का कमीशन देने का क्या औचित्य। चूंकि इन कर्मचारियों को भर्ती करने वाली निजी फर्मों की सूची पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वयं मुहर लगाई है। जिससे स्पष्ट है मुख्यमंत्री महोदय ने यह कदम अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने की है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा विभाग में निजीकरण का यह फैसला तुरंत वापस ले अन्यथा वह कोर्ट को  दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो जाएंगे।

युवा सांसद ने मुख्यमंत्री की महत्वकांशी सक्षम योजना की पोल खोलते हुए कहा कि आरटीआई से मिली  जानकारी के अनुसार 12 जिलों में कुल 2,62,768 युवाओं का पंजीकरण रोजगार कार्यालयों में है जिसमें से केवल 290 युवाओं को रोजगार मिल पाया है। यह आंकड़ा कुल पंजीकृत संख्या का केवल दशमलव एक प्रतिशत है। वहीं आरटीआई से यह भी स्पष्ट हुआ है कि मुख्यमंत्री की महत्वकांशी सक्षम योजना के तहत मात्र 9,948 युवकों को ही 100 घंटे का रोजगार मिल पाया है जो दर्ज संख्या का महज तीन प्रतिशत ही है।
दुष्यंत चौटाला ने सरकार को चेताते हुए कहा कि बेरोजगारी के नाम पर युवाओं का शोषण करना सरकार बंद करे। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं व बेरोजगारों के हकों के लिए इनेलो ‘रोजगार मेरा अधिकारÓ मुहिम चलाएगी। इस मुहिम के माध्यम से बेरोजगार युवाओं के अधिकारी की लड़ाई लड़ेगी।

 

 

 

 

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