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लॉक डाउन में जरूरी सामान की ना आये कमी, अधिकारी तैयार करेंगे खाका

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि 21 दिनों तक राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन होने की स्थिति में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या न आए और आज शाम तक घर-घर तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था तैयार की जाए। इसके अलावा, सभी पुलिसकर्मी जो मौके पर मौजूद हैं, वे सोशल डिस्टेसिंग का पालन अवश्य करें परंतु आवश्यक वस्तुओं की खरीद करने जा रहे आम लोगों को न रोकें और उन्हें पूरी चैकिंग के साथ आने-जाने दिया जाए। मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज यहां सभी मंडल आयुक्तों, जिला उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करके दिए।

मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश में 21 दिनों तक घोषित किए गए लॉकडाउन की स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती यही है कि किस प्रकार लोगों को उनके घर द्वार तक आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जाएं। उन्होंने कहा कि लोग बिल्कुल भी घर से बाहर न निकलें, यह तभी संभव होगा जब उन्हें दैनिक जरूरतों की चीजें उनके घर द्वार पर मिलेंगी। इसके लिए सभी मंडल आयुक्त, जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में क्षेत्र या वार्ड अनुसार सब्जी, दूध और परचून विक्रेताओं की लिस्ट और उनके नंबर अपनी वैबसाइट पर अपलोड करें और मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक इन नंबरों की जानकारी पहुंचाए ताकि लोग अपने वार्ड अनुसार इन विक्रेताओं से सीधे बात करके आवश्यक वस्तुएं प्राप्त कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय दूध की आपूर्ति सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ानी होगी ताकि दूध की उपलब्धता व आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों के व्यापारियों, थोक और खुदरा विक्रेताओं से संपर्क में रहें और सभी प्रकार की आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक की उपलब्धता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किराने और दवाईयों की दुकानें खुली रखें और इनके लिए किसी प्रकार का समय निर्धारित न करें। यदि निर्धारित समय में ये दुकानें खुलेंगी तो लोगों की भीड़ इका होती रहेगी, इसलिए भीड़ को रोकने के लिए इन दुकानों को जितना हो सके उतनी देर तक खुली रहने दी जाएं और रात के समय भी इन दुकानों को खोला जाए, ताकि लोग एक समय में इका न होकर आराम से इन आवश्यक वस्तुओं की खरीद कर सकें।

अरोड़ा ने यह भी निर्देश दिए कि सब्जी उत्पादकों को मंडी तक आने दिया जाए और उन्हें वापिस जाते समय एक पास या पत्र दिया जाए ताकि खाली गाड़ी को पुलिसकर्मी न रोकें। इसके अलावा, आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही में लगे वाहनों पर ‘‘आवश्यक वस्तुओं की सेवाएं’’ का एक स्टीकर लगा हो, जिससे नाकों पर पुलिसकर्मी इन वाहनों को बार-बार न रोकें और आपूर्ति श्रंख्ला लगातार चलती रहे।

मुख्य सचिव ने कहा कि इस संकट के समय मनुष्य के साथ-साथ जानवरों व पक्षियों के लिए खाना व चारा भी महत्वपूर्ण तथा आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी में आता है। इसलिए जानवरों व पक्षियों के लिए खाना व चारे की भी आवाजाही लगातार बनी रहनी चाहिए। इसके लिए गृह विभाग की ओर से भी पुलिसकर्मियों को विशेष निर्देश दिए जाएं ताकि वे इन वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को न रोकें।

उन्होंने निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत डिपो भी खुले रहेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि थोक विक्रेताओं को आने वाले सामान की निरंतर आपूर्ति के लिए मैन्यूफक्चरिंग यूनिटों व फैक्ट्रियों को भी खुला रहने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा, फूड प्रोसेसिंग यूनिट व पैकेजिंग युनिटों को भी चलने दिया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुएं या मैन्यूफक्चरिंग यूनिटों के लिए जो कच्चा माल पड़ोसी राज्यों से आता है, उनकी आवाजाही में किसी प्रकार की कोई समस्या या बाधा न आए, इसके लिए पुलिस विभाग पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करके अंतरराज्यीय बॉर्डर पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी करे।

उन्होंने निर्देश दिए कि बेघर और दिहाड़ी मजदूरों को राशन पहुंचाना और यदि आवश्यक हो तो खाना बनाकर भी उनके घर द्वार तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हो तो वीटा बूथों पर हैफेड के सहयोग से आटा, चावल, तेल इत्यादि के स्टॉक की व्यवस्था भी की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सामान्य बिमारियों या समस्यों जैसे डायबटिज, ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्याओं के लिए सामान्य रूप से मिलने वाली दवाओं की भी उपलब्धता व आपूर्ति सुनिश्चित की  जाए ताकि लोगों में घबराहट के हालात न पैदा हों।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट्स पीजीआई द्वारा निर्देशित तकनीकि मानदंड के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में बनवाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन और कोलोरोक्वीन दवाई को डॉक्टर की पर्ची के बिना देना बंद किया जाए।

बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन ने बताया कि 3 डीएसपी अलग-अलग शिफ्टों में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम में बैठेंगे और प्रदेशभर से आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही से संबंधित किसी प्रकार की कोई समस्या आएगी तो ये अधिकारी मौके पर निर्णय लेकर संबंधित उपायुक्त और एसपी से बात करके समस्या को हल करेंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि नाकों पर खड़े पुलिसकर्मी भी सोश्ल डिस्टेसिंग का पालन करें और एक-दूसरे से दूर खड़े हों। नाकों पर सैनेटाईजर की भी व्यवस्था हो।

बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी. के. दास, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. सी. गुप्ता, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र सिंह, पुलिस महानिदेशक मनोज यादव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक पी.सी. मीणा, कार्मिक विभाग के सचिव नितिन कुमार यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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