क्या इंटरनेट, स्मार्टफोन और TV में दिखाए गए दृश्य बढ़ा रहे हैं यौन अपराध ? – हाईकोर्ट

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 9 May, 2018

सोशल मीडिया के इस बढ़ते ट्रैंड में आजकल हर कोई इंटरनेट, स्मार्टफोन का अधीन होता जा रहा हैं। जहां एक तरफ इनके फायदे है तो दूसरी तरफ नुक्सान भी हैं।

अगर यहां से हमें पढ़ाई- लिखाई से जुड़े ज्ञान की प्राप्ति होती है, तो कुछ आपत्तिजनक चीजे भी यहां परोसी जाती हैं।

महिलाओं और बच्चों संग यौन शोषण के आये- दिन कई मामले हमे सुनने को मिलते हैं। लेकिन क्या इस बढ़ते अपराध का कसूरवार सोशल मीडिया है ?

इसी के चलते पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने चिंता जाहिर की है। हाईकोर्ट न्यायधीश जस्टिस दया चौधरी ने कहा है कि भारतीय समाज आर्थिक और सामाजिक तौर पर तो प्रगति कर रहा है, लेकिन महिलाओं और बच्चों के साथ यौन हिंसा के मामले लगातार बढ़ते जाना एक चिंताजनक बात है।

दया चौधरी ने हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को एक नोट भेजा है जिसमें उन्होंने कहा है कि-

क्या इंटरनेट और स्मार्टफोन यौन अपराध को बढ़ा रहा है ? इनके जरिए आसानी से अश्लील सामाग्री का मिल जान यौन जैसे अपराधों में वृद्धि का कारण है ?

उन्होंने टेलीविजन में दिखाए गए कुछ दृष्यों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या टेलीविजन पर फिल्मों और सीरियलों में यौन हिंसा के दृष्य पुरुषों, विशेष रूप से युवाओं और किशोरों को ऐसे कार्यों में शामिल होने के लिए उकसाते हैं ?

उन्होंने सवाल किया कि क्या पुरुषों में महिलाओं को उनकी खुशी का सामान समझने की गलत सोच यौन अपराध का कारण बन रही है।

जस्टिस चौधरी ने 5 सालों में पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में दुष्कर्म के सालाना आंकड़े भी मांगे है। इसके साथ ही उत्तरदाताओं को ऐसी घटनाओं में वृद्धि के सभी कारणों का स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।

 

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