किसानों पर पड़ी एक और मार, नहर के पानी से सिंचाई हुई महंगी

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Chandigarh

नहरी पानी के लिए सरकार ने दरों में संसोधन किया है। मौसम और कम पानी की किल्लत झेल रहे किसानों को अब सिंचाई के पानी के भी अधिक पैसे देने होंगे। सरकार द्वारा 18 साल बाद सिंचाई के पानी के दामों में बदलाव किया है। इससे पहले 2002 में किया गया था।

अब प्रति फसल सिंचाई में 5 से 15 रूपए तक की बढ़ोतरी की है। वहीं सिंचाई की 6 कैटेगरी बनाकर दरें तय की है।

वहीं प्रदेश की सरकार हालांकि शहरी और ग्रामीण इलाकों में पानी के दाम बढ़ा कर कम कर चुकी है। लेकिन जो पानी का व्यावसायिक तौर पर यूज करते है उनसे या सेना और रेलवे तो सप्लाई होने वाले पानी के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है।

सरकार रेलवे के अलावा, बिजली संयंत्रों, अन्य शीतल पेयजल बनाने वाली कंपनियों से नई दरों के दाम वसूलेगा। हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में पानी के कमर्शियल उपयोग की दरों में बढ़ोतरी का यह फैसला लिया गया है। पानी के दामों में बढ़ोतरी के लिए हरियाणा कैनाल और ड्रेन विनियम1976 में बदलाव किया गया है।

नई दरों के अनुसार ईंट बनाने व कच्ची दीवार बनाने व निर्माण कार्यों के लिए अब से 100 क्यूसक मीटर पानी 1500  रूपए में मिलेगा। शीतल पेय औऱ बंद बोतल पानी उद्योगों को 100 क्यूसेक मीटर पानी अब 2 हजार में मिलेगा।

सरकार के फैसले के अनुसार सेना को 100 क्यूसेक मीटर पानी 750 रूपए में की जाएगी। वहीं रेलवे और सेना को पीने के लिए पानी 25 रू में 100 क्यूसेक मीटर दिया जाएगा।

 

 

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