प्रदेश के शिक्षकों को सबसे सुरक्षित माहौल दिया, वेतन में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी भी की है- जवाहर यादव

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 14 July, 2018

बीजेपी प्रवक्ता और हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव ने प्रदेश के शिक्षकों को लेकर बयान जारी किया है। उन्होने प्रदेश के शिक्षकों के वेतन बढोत्तरी की बात कही है तो साथ ही प्रदेश में शिक्षकों के लिए सबसे ज्यादा सुरक्षित माहौल इस सरकार में होने का दावा किया है।

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“हरियाणा के अतिथि अध्यापकों मित्रों को इस बात का एहसास है कि वे अपनी सेवा के दस साल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा सुरक्षित और महत्वपूर्ण पिछले चार साल में हुए हैं। मनोहर लाल सरकार ने उन्हें ना सिर्फ नौकरी की सुरक्षा दी है बल्कि ऐतिहासिक रूप से अब तक की सबसे अधिक और सबसे जल्दी वेतन बढ़ोतरी भी दी है।

भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक राज्य सरकार स्कूलों में कार्यरत जेबीटी और मास्टरों के बेतन में 42 प्रतिशत और स्कूल लेक्चरर्स के वेतन में 38 प्रतिशत बढ़ोतरी कर चुकी है। इतने कम समय में इतनी बढ़ोतरी कभी उस हुड्डा सरकार ने भी नहीं की जिसने इन्हें बहुत ही कच्चे नियमों पर सरकारी स्कूलों में रखा। कई वर्षों तक तो कांग्रेस सरकार इन्हें पीरियड के हिसाब से बहुत ही मामूली वेतन देती रही और कुछ अध्यापकों को तो जब चाहा हटा भी दिया। नियमित अध्यापक की तैनाती पर भी उनकी नौकरी खतरे में पड़ती रही है।

लेकिन अब साढ़े तीन साल से ऐसा नहीं है। 2014 में जो अध्यापक 26 हजार, 21 हजार और 19 हजार रुपये में काम कर रहे थे, उनके लिए अब 36 हजार, 30 हजार और 26 हजार का वेतन मनोहर सरकार ने घोषित किया है, और यह हर लिहाज से सराहनीय है। 38 से 42 प्रतिशत की ऐसी बढ़ोतरी कभी किसी को नहीं मिली। हुड्डा सरकार ने तो तनख्वाह बढ़ाई भी चुनाव से दो महीने पहले थी जबकि हमें ऐसा कोई लालच नहीं है।

सभी पदों पर तैनात लोगों को नौकरी की गारंटी दी गई है कि उनके पद को खाली नहीं माना जाएगा। यानी उनके स्थान पर कोई नियमित अध्यापक नहीं आ सकता। इससे भी बड़ी घोषणा मनोहर सरकार ने वो की है जो इन अतिथि अध्यापकों को बार-बार किसी सरकार या अधिकारी से फरियाद करने से आज़ादी देगी। बहुत बड़ा फैसला लेते हुए यह व्यवस्था कर दी गई है कि हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को अतिथि अध्यापकों के वेतन में अपने आप बढ़ोतरी हो जाएगी जो महंगाई सूचकांक के हिसाब से होगी। ऐसी व्यवस्था ना तो नियमित कर्मचारियों के लिए है ना किसी भी श्रेणी के कच्चे कर्मचारियों के लिए।

यह मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ही सोच है कि अध्यापकों को खुद उनके समेत किसी भी मुख्यमंत्री या सरकार से वेतन बढ़वाने के लिए फरियाद ना करनी पड़े। वेतन वृद्धि उनका अधिकार बन जाए और कोई इसमें अड़चन ना डाल सके। इस फैसले के महत्व को अतिथि अध्यापक मित्रों ने समझा और इसकी सहराना भी की ।अतिथि अध्यापकों को ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं। वेतन वृद्धि, नियमित छमाही वृद्धि, जॉब सिक्योरिटी देने के लिए मुख्यमन्त्री श्री मनोहर लाल जी का बहुत बहुत आभार ।”

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