झज्जर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के वाईस चेयरमैन सहित दो डायरेक्टर को पद से हटाया, आउटसोर्सिंग की भर्तियों में अनियमितता के लगे आरोप

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Pradeep Dhankhar, Yuva haryana

Jhajjar, 7 August, 2018

झज्जर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के वाईस चेयरमैन समेत दो डायरेक्टरों को उनके पद से हटा दिया गया है। तीनों पर आउटसोर्सिंग की भर्तियों में अनियमितता के साथ बैंक के संसाधनों का गलत और खुद के हित के लिए इस्तेमाल  के आरोप है।

बहादुरगढ से पैक्स के पूर्व डायरेक्टर नरेंद्र राठी की शिकायत पर ये कार्यवाही हुई है। नरेंद्र राठी ने साल 2015 में सीएम विंडो पर तीनों के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसकी जांच पूरी होते- होते करीब 3 साल लग गए।

अगस्त में रोहतक कोऑपरेटिव सोसाइटी की डिप्टी रजिस्ट्रार ने तीनों के खिलाफ फैसला सुनाया है। उन्होंने हरियाणा कोऑपरेटिव सोसाइटी एक्ट 1984 की धारा 35(1) के तहत तीनों पर लगे आरोपों को सही पाया और गंभीर आरोप होने के कारण तीनों को पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए।

शिकायतकर्ता नरेंद्र राठी ने बताया कि 2015 में वो भी बैंक का डायरेक्टर था। उस वक्त कुछ समय के लिए वाईस चेयरमैन को चेयरमैन की पावर मिली हुई थी। इसी का फायदा उठाकर वाईस चेयरमैन आजाद सिंह, डायरेक्टर राकेश जाखड़ और डायरेक्टर राकेश कुमार ने बैंक में जमकर मनमानी की।

आउटसोर्सिंग पर कर्मचारी मुहैया करवाने वाली पीयरलेस सिक्योरिटी सर्विसेज कंपनी के ऊपर पहले लगे कर्मचारियों को हटाकर अयोग्य लोगों को दबाव देकर लगवाया गया। बैंक के कर्मचारियों से खुद के काम करवाये जाते थे। इसलिए उनकी शिकायत की गई। जिस पर फैसला देते हुए तीनों को डायरेक्टर पद से हटा दिया गया है।

हम आपको बता दे कि झज्जर जिले में 23 प्राथमिक कृषि सहकारी बैंक यानी पैक्स है। जिनसे झज्जर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के लिए  सात डायरेक्टर चुने जाते है। बैंक के तीन डायरेक्टर नॉन एग्रीकल्चर सोसाइटी से चुने जाते हैं और दो डायरेक्टर सरकार  नुमाइंदे होते हैं।

कुल मिलाकर झज्जर सेंट्रल कोऑपरेटिव सोसाइटी में 12 डायरेक्टर होते हैं। जो अपना चेयरमैन और वाईस चेयरमैन चुनते हैं। बाद में डायरेक्टर बैठक कर किसान, मजदूर और छोटे कामगारों को कृषि जैसे और काम के लिए नगद लोन दिलाते हैं।

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