विधानसभा में जेजेपी के दोनों प्रस्ताव रद्द, स्पीकर के कदम पर जताई निराशा

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 21 Feb, 2019

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में जननायक जनता पार्टी के समर्थक विधायकों के द्वारा दो महत्वपूर्ण विषयों पर लगाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को रद्द कर दिया गया है। ये दोनों प्रस्ताव जेजेपी समर्थक डबवाली से विधायक नैना सिंह चौटाला, दादरी से विधायक राजदीप फोगाट, उकलाना से विधायक अनूप धानक और नरवाना से विधायक पिरथी नंबरदार ने लगाए थे। विधायक नैना सिंह चौटाला और अन्य विधायकों को उम्मीद थी कि विधानसभा अध्यक्ष जनहित से जुड़े इन दोनों प्रस्तावों को मंजूर करेंगे और चर्चा का पर्याप्त समय देंगे, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने इन दोनों प्रस्तावों को रद्द कर दिया। चारों विधायकों ने स्पीकर के इस कदम पर निराशा जताई है।

जेजेपी समर्थक विधायकों की ओर से दिए गए प्रस्तावों में पिछले हफ्तों में बार-बार हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान का विषय शामिल था। विधायकों ने लिखा था कि गेहूं, चना और सरसों की फसलों कई जगह तो पूरी बर्बाद हो गई हैं। राज्य के 13 जिलों में खड़ी फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है और सरकार को इनकी गिरदावरी तुरंत करवाकर किसानों को जल्दी से जल्दी मुआवज़ा देना चाहिए। हालत यह है कि इससे पहले हुए फसलों के खराबे का मुआवज़ा भी बहुत जगह किसानों को अभी तक मुआवज़ा नहीं मिला है। विधायक किसानों से जुड़े इस गंभीर विषय पर सदन में चर्चा और सरकार का जवाब चाहते थे।

इसके साथ ही इन विधायकों ने हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं की खरीद में हुए घोटाले के गंभीर विषय पर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव में विधायकों ने बताया था कि अधिकारी दवा ठेकेदारों के साथ मिलकर सरकार को सैंकड़ों करोड़ का चूना लगा चुके हैं। सांसद दुष्यंत चौटाला ने बाकायदा सुबूतों और दस्तावेजों के साथ बताया था कि कैसे दवाएं और उपकरण वास्तविक कीमत से कई गुणा कीमतों पर खरीदे जा रहे हैं। कमाल की बात यह भी है कि एक ही दवा अलग-अलग जिलों में कई गुणा कम ज्यादा कीमत पर खरीदी गई है। अब तक हरियाणा सरकार इस घोटाले की ओर से मुंह फेरे हुए हैं क्योंकि इसकी जांच करवाते ही सरकार के भ्रष्टाचार खात्मे के सारे दावे हवा हो जाएंगे।

विधायक नैना चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार जनहित से जुड़े विषयों और सरकार के भ्रष्टाचार पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है। नैना चौटाला ने कहा कि अगर किसानों की स्थिति और समस्याओं पर चर्चा हो जाए तो सरकार की कथनी और करनी का अंतर सबके सामने आ जाएगा। वहीं अगर दवा घोटाले पर सदन में चर्चा होती है तो सबको पता चल जाएगा कि स्वास्थ्य विभाग में किस कदर अंधेर मचा हुआ है। नैना सिंह ने कहा कि वे और अन्य 3 विधायक इन विषयों पर सदन में शून्यकाल में उठाने का प्रयास करेंगे और राज्यपाल के अभिभाषण व बजट पर चर्चा के दौरान भी जनहित के कई विषय सदन में रखेंगे।

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