जैक चला ना केश, नौकरी मिली तो गरीब परिवार की हो गई ऐश

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Sahab Ram, Yuva Haryana

Jind, 23 Jan, 2019

घर में एक खाट, तीन बच्चे,एक रजाई और कच्चा घर शादी के कुछ समय बाद पति के देहांत के बाद बस यहीं सब कुछ था, जींद जिला के अहिरका गांव की रहने वाली फूल देवी के पास। 7वीं पास फूल देवी ने जीवन के कठीन पलों में हार नहीं मानी। आखों में सुनहरे पलों की आस लिये लगातार संघर्ष किया। उन दिनों को याद करते आज नम आंखों से कहती हैं मुझे आज बहुत खुशी है मेरे बेटे रवि का ग्रुप डी में चयन हुआ है। मेरे संघर्ष को जाया नहीं होने दिया मेरे बेटों ने। फूल देवी के तीन बच्चे हैं एक बेटा 2017 में इएसआई मेडिकल में नौकरी लगा और दूसरा बेटा रवि ग्रुप डी में सिलेक्ट हुआ है और सबसे छोटा बेटा अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। पति के देहांत के बाद फूल देवी पर मुसिबतों का पहाड़ टूट चुका था। घर में छोटे बच्चों के अलावा सास-ससुर कोई नहीं था। वह भी खास पढ़ी लिखी नहीं थी जो बाहर कुछ काम कर सके। फूल देवी बताती हैं कि आस-पड़ोस के लोगों ने मदद की और मुझे प्राइवेट स्कूल में पांच सौ रूपए में नौकरी लगवा दी। किन्तु स्कूल बाद भी में सांय को सब्जी तोडऩे के लिए जाती ताकि चाय पानी का खर्चा निकला जाए। लेकिन एक बड़ी मुसिबत मेरे लिए कच्चे घर की थी बारिश के दिनों में पूरा घर पानी से भर जाता था। कई बार पूरी रात जग कर काटनी पड़ती थी। मेरी शादी के वक्त मुझे जो खाट मिली थी वही मेरे पास थी उसी एक खाट और रजाई में कई सालों तक मैं और तीनों बच्चों ने रात गुजारी है। फूल देवी कहती हैं कि कोई भी परिवार अपनी बहन बेटी को अनपढ़ न रखे मैं सात तक पढ़ी हुई थी बच्चों को पढ़ाने के साथ मैंने भी दसवीं करी। दुख किसी को कह कर नहीं आते। आज मां फूल देवी का सपना पूरा हो गया है तीनों बच्चे कामयाब हैं। रवि ने ग्रुप डी में चयन होने पर कहा मैं बहुत खुश हूं। 2011 में मैंने आईटीआई की थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी के लिए प्राइवेट सेक्टर में चला गया। लेकिन मन में एक कसक थी कि प्राइवेट सेक्टर में समय देने पर जींवन कें अंत में खाली हाथ ही रह जाने हैं और दूसरा 2014 में में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी थी। तब युवाओं में रोजगार को लेकर एक विश्वास बना था  इसलिए 2016 से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। मेरा बिल्कुल निष्पक्ष रूप से चयन हुआ है किसी प्रकार के कोई चैक और अप्रोच की जरूरत नहीं पड़ी। बीजेपी सरकार की खास बात यह है कि इसमे केडिडेट का चयन मेरिट के आधार पर हुआ। पहले की सरकारों में नौकरी के लिए पैसे और सिफारिश की जरूरत पड़ती थी अब वैसा सिस्टम खत्म हो चुका है। 

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