आर्थिक आधार पर नहीं मिलेगा अब नौकरियों और दाखिलों के लिए आरक्षण

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पहले जहां सरकारी नौकरी और शिक्षण संस्थाओं में आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाता था। अब हरियाणा सरकार ने इसे रद्द कर दिया है।

सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में अब आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं मिलेगा।

पंजाब- हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश पर मनोहर सरकार ने हुड्डा सरकार के खिलाफ ये फैसला लिया है और सभी प्रशासनिक सचिवों को लिखित आदेश भी जारी कर दिए हैं।

A medical student reacts as a fellow student fixes a “no reservation” band before the start of a silent march during a protest against the reservation of college places for lower castes, in the eastern Indian city of Kolkata August 25, 2006. The Indian government introduced a controversial bill in parliament on Friday that aims to reserve more college places for lower castes amid protests by upper caste students opposed to the move. The government said the move was to help underprivileged caste groups, which constitute the majority of India’s 1.1 billion population. Photo taken August 25, 2006. REUTERS/Parth Sanyal (INDIA)

प्रदेश में पूर्व हुड्डा सरकार ने 2013 में अधिसूचना जारी कर पंजाबी, ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत और अन्य सामान्य जातियों के गरीब लोगों को आर्थिक आधार पर दस फीसद आरक्षण दिया था।

बाद में इस फैसले को कालिंदी वशिष्ठ और अन्य ने हाई कोर्ट में चुनौती दी।
अदालत ने विगत 7 दिसंबर को ही आर्थिक आधार पर आरक्षण बंद करने का फैसला सुना दिया था।

मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्ष, आयुक्त, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक, हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार, उपायुक्त, एसडीएम और विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को लिखित पत्र भेजकर आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था तुरंत प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए है।

इस कदम से सामान्‍य वर्ग के युवाओं को झटका लगा है। इस वर्ग के गरीब लोगों को अब अार्थिक आधार पर आरक्षण का फायदा नहीं मिलेगा।

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