एक ऐसा स्कूल जो किसी समय में बंद होने के कगार पर था, एक पहल से बन गया है आज मार्डन

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Karnal, 22 July, 2018

कहते हैं न कुछ करने की चाह बहुत कुछ कर दिखाती है और जिसकी कल्पना भी न की गई हो, वह सपने अक्सर हमें पूरे होकर दिखाते हैं।

करनाल के गांव हैबतपुर में एक ऐसा स्कूल है, जिसे किसी समय में बंद होने का नोटिस जारी कर दिया गया था। लेकिन आज उसी स्कूल ने नीजि स्कूलों को फेल कर रखा है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर उनका खाना और सभी सुविधाएं बेहद तारीफे काबिल है।

गांव के सरपंच राजपाल का कहना है कि गांव में लोग ज्यादा अमीर नहीं हैं, इसलिए ज्यादा महंगे निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा नहीं सकते।

बता दें कि गांव का राजकीय प्राथमिक स्कूल किसी समय में बंद होने के कगार पर था। लेकिन सरपंच और चार अध्यापकों की सोच और मेहनत ने स्कूल को एक बढ़ा मुकाम हासिल करवाया है।

सरपंच राजपाल ने बताया कि उन्हें यह विचार आया था कि स्कूल को बंद करने से अच्छा है, उसकी हालात सुधारी जाए, ताकि बच्चे अपना अच्छा भविष्य बना पाएं। इसी को लेकर उन्होंने पंचायत में सलाह की, जिसे सुनकर सब तैयार भी हो गए। इसके बाद खंडर बने स्कूल को पंचायत ने एक लाख की लागत खर्च कर रेनोवेट करवाया।

इसके साथ ही स्मार्ट क्लास के लिए LCD भी लगवाई गई, ताकि बच्चे अंग्रेजी बोलना अच्छे से सीखें और उन्हें कोई परेशानी न आए। टीचर भी पंचायत द्वारा अपने खर्च से नियुकत किए गए।

पंचायत की इस पहल से शिक्षक भी उत्साहित हुए, अपने अभिभावकों से बातचीत की। निजी स्कूल का लुक लाने के लिए बच्चों के फंड से ही अलग- अलग ड्रस ली गई। इतना ही नहीं बच्चों के खेल को लेकर भी झूले और एक्सरसाइज करने का सामान जुटाया गया। ताकि उनकी सेहत स्वस्थ रहे।

स्कूल के अध्यापकों ने बताया कि पिछले साल 40 के आस पास छात्रों की संख्या थी और अब बढ़कर 72 हो गई है। आगे भी इस संख्या को बढ़ाने का टारगेट रखा गया है।

 

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