खाप और ऑनर किलिंग से नहीं बल्कि अंतरराजीय विवाह से देंखे मेरा हरियाणा- निताशा सिहाग

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मुंबई के नरीमन पॉइंट में आयोजित वुमन फॉर्म के मंच पर हरियाणा के खारी सुरेरा गांव की बहू निताशा राकेश सिहाग की हुंकार ने हरियाणावासियों का सीना चौड़ा कर दिया. उन्होने हरियाणा पर बोलते हुए कहा कि हरियाणा को ऑनर किलिंग और खाप से नहीं बल्कि अब अंतरराजीय विवाह से देखें।

बोली कि हरियाणा को आप शायद ऑनर किलिंग व खापों के तुगलकी फरमानों के लिए चर्चित होने से लेकर पर्दाप्रथा के कारण घूंघट वाली महिलाओं की पहचान के तौर पर जानते हैं, मैं आज उसी हरियाणा के अंतिम छोर पर बसे बिल्कुल राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा जिला के गांव खारी सुरेरां में रहती हूं।

यहीं के ग्रामीणों ने मेरी इस सोच को पुख्ता किया कि अंतरजातीय विवाह ही आज जातियों के नाम पर बंट रहे समाज व देश को बचाने का एक बड़ा समाधान है। अग्रवाल परिवार में जन्म और हरियाणा के ठेठ जाट परिवार में शादी के बाद मैं कामकाजी महिला हूं और ऐलनाबाद कस्बे में गैस एजेंसी का प्रबंधन कार्य देखने गांव से 8 किलोमीटर दूर ऑफिस जाती हूं।

निताशा ने बताया कि हररोज गैस एजेंसी में मिलने वाली महिलाओं की समस्याओं ने ही मुझे राजनीति में आने को प्रेरित किया। प्रतिदिन औसतन 50 से ज्यादा महिलाएं मुझे अपनी समस्याएं बताती और जितना बन पड़ता उनका समाधान करवाती लेकिन अनेक ऐसी दिक्कतें भी रही जिनका मैं समाधान नहीं करवा पाई। यह सब मेरे पति राकेश सिहाग को बताया तो उन्होने महिलाओं की समस्याओं के समाधान के प्रति मेरी रुचि देखते हुए राजनीति का रास्ता सुझाया। इसके बाद पंचायत समिति के चुनाव में भाग्य अजमाया तो जनता ने भी ओपन सीट पर 3 पुरूषों के मुकाबले भारी मतों से विजय दिलाई। लगन व मेहनत को देखकर भाजपा ने महिला मोर्चा के जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपने के साथ-साथ जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य का दायित्व भी दिया।

यहां बता दें कि निताशा ने जिस वूमेंस फॉर्म के मंच से अपना वक्तव्य दिया, वहीं ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी इंटरनेशनल एडवोकेट चेरी ब्लेयर, बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर व उनकी बेटी सोहा अली खान, माउंट एवरेस्ट सहित सात उच्चतम चोटियों पर जाने वाली पर्वतारोही महिला पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल, फेसबुक की इंडिया हेड अर्चना वडाला व फेसबुक की ही पब्लिक पॉलिसी विषय की दक्षिण व मध्य एशिया निदेशक अंखी दास शिरकत की।

इनके अलावा वक्ताओं में बॉलीवुड निदेशक नूपुर अस्थाना, बांग्लादेश से बहुमुखी प्रतिभा सराहा अली, यूके से इंटरनेशनल लेखक एलिजाबेथ कॉफी, बैडमिंटन खिलाड़ी सुप्रिया देवगुण, वर्ल्ड बैंक की दक्षिण एशिया उपाध्यक्ष एनएच एडिक्शन, छह वर्ष की आयु से ही बॉलीवुड में कदम रखने वाली अभिनेत्री मीरा दुबे, थिएटर अभिनेत्री एवं निदेशक लीलेते दुबे, श्रीलंका से प्रसिद्ध व्यवसाई ओतारा गुनेवर्धने, पूर्व टीवी पत्रकार एवं भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने शिरकत की।

वहीं अमेरिका से प्रसिद्ध व्यवसाई एंड्रिया जंग, संगीतकार सोनम कालड़ा, प्रसिद्ध व्यवसाई शोभा ना कामिनी व नैनालाल किदवई, बॉलीवुड से एकता कपूर, अफगान से तालिबान के अनेक हमले झेल चुकी राजनीतिज्ञ फाजिया कुफी, स्तंभकार अंजना मेनन, ग्वालियर की राजमाता सिंधिया की बेटी व वर्तमान में मध्य प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, प्रसिद्ध इंटरनेशनल पत्रकार वी रॉलेट, क्लासिक डांसर पद्मश्री आनंदा शंकर जयंत, बॉलीवुड निदेशक अलंकृता श्रीवास्तव पहुंची।

बास्केटबॉल खिलाड़ी अर्जुन अवॉर्डी प्रशांति सिंह, प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ शशिकला सिन्हा व प्रथम दफा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ओर से स्कैइंग खेल में पदक विजेता मनाली के छोटे से गांव बरुआ की अंचल ठाकुर, बॉलीवुड निदेशक अश्वनी तिवाड़ी, प्रसिद्ध टीवी एंकर अदिति त्यागी और कॉमेडियन व लेखक राधिका वेज ने अपने अनुभव इस मंच से सांझा किए।

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