हिसार मिर्चपूर से विस्थापित 254 दलित परिवारों को ढंढूर गांव में बसाएगी खट्टर सरकार

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Yuva Haryana

Hisar (7 April 2018)

पिछली सरकार के दौरान 8 साल पहले जिन दलित परिवारों को जो जख्म मिले थे। खट्टर सरकार अब उन पर मरहम लगाने जा रही है। सरकार मिर्चपुर गांव के इन 254 पीड़ित विस्थापित परिवारों को ढंढूर गांव में बसाया जाएगा। इसके लिए खट्टर सरकार ने इन परिवारों को 8 एकड़ जमीन  दी है।

बता दें कि हिसार जिले के मिर्चपुर गांव में 21 अप्रैल, 2010 को दबंगों ने एक कुत्ते को पत्थर मारने पर नाराज होकर दलितों के घरों को आग के हवाले कर दिया था। इस अग्निकांड में एक बाप-बेटी जिंदा जल गए थे और बहुत से लोग झुलस गए थे। यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उछला था।

उस समय के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बिना कोई जानकारी दिए, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुपचाप मिर्चपुर गांव का दौरा किया था और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। बाद में करीब 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन इस घटना से दलितों में इतना डर बैठ गया था कि मिर्चपुर गांव को छोड़ना मुनासिब समझा। पीड़ित दलित परिवार लंबे समय तक दिल्ली में धरने पर बैठे रहे और फिर उन्होंने हिसार शहर में ही अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया।

राज्य के अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि सीएम मनोहर लाल खट्टर की पहल पर साल 2010 में मिर्चपुर घटना से प्रभावित 254 विस्थापित परिवारों को हिसार जिले के ढंढूर गांव में बसाया जा रहा है। बेदी के मुताबिक तत्कालीन कांग्रेस सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के चलते यह विस्थापित परिवार 8 साल से भटकते रहने को मजबूर थे।

सीएम खट्टर ने पिछले साल एक जनवरी को इन परिवारों को फिर से बसाने का ऐलान किया था। इसी पर अमल करते हुए इन्हें ढंढूर गांव में 2 महीने बाद, 1 जून तक लगभग 8 एकड़ जमीन पर बसा दिया जाएगा। विस्थापित परिवारों के पास मिर्चपुर गांव में घर के लिए जितनी जमीन थी, उतनी ही जमीन गांव ढंढूर में दी जाएगी।

इन परिवारों को एक एकड़ अतिरिक्त जमीन सामुदायिक केंद्र, प्राथमिक स्कूल और मंदिर खेड़ा इत्यादि के लिए भी अलग से उपलब्ध करवाई जाएगी। बेदी का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भी इन परिवारों को मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।

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