आखिरकार एक नवंबर को शुरु हो जाएगा KMP, प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये करेंगे उद्घाटन

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Yuva Haryana
Chandigarh, 30 Oct, 2018

लंबे इंतजार के बाद आखिरकार एक नवंबर को कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे जनता को समर्पित हो जाएगा। एक नवंबर के बाद इस एक्सप्रेस वे पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केएमपी का उद्घाटन करेंगे।

135 किलोमीटर लंबे इस हाइवे का मानेसर से पलवल के बीच निर्माण पहले की हो चुका है और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने करीब दो साल पहले उद्घाटन किया था। अब कुंडली से मानेसर के बीच 83 किलोमीटर लंबे इस हाइवे को छह लेन बनाया गया है, इसका उद्घाटन एक नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे।

जानकारी के मुताबिक इस हाइवे का निर्माण कार्य साल 2006 में शुरु हुआ था और 2010 में पूरा हो जाना था, लेकिन इस प्रोजेक्ट के एक हिस्से को साल 2016 में और दूसरे हिस्से को अब 2018 में लांच किया जा रहा है। इस पूरे हाइवे के निर्माण पर करीब 3500 करोड़ की लागत आई है वहीं बाकी बचे 83 किलीमीटर के हाईवे पर 1863 करोड़ की लागत आई है।

बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 25 अक्टूबर को केएमपी का निरीक्षण किया था और इस दौरान उन्होने एग्जिट प्वाइंट्स और अन्य जगहों पर काम जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिये थे। केएमपी पर सात निकासी द्वार बनाए गए हैं। उद्घाटन के वक्त इन सभी प्वाइंट्स पर सात मंत्रियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी।

वहीं सरकार ने कुंडली मानेसर एक्सप्रेस वे के साथ सिंगापुर की तर्ज पर पांच शहर बसाने की भी योजना तैयार की है जिसके लिए सरकार की तऱफ से पूरी तैयारी कर ली गई है। यहां पर चंडीगढ़ और गुरुग्राम से ज्यादा बेहतर सुविधाओं वाले पांच शहरों को बसाया जाएगा। जहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं होगी।

कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे की खास बातें

केएमपी पर सात निकासी द्वार बनाए गए हैं।

उद्घाटन के वक्त सभी निवास द्वारों पर मंत्रियों की ड्यूटी लगेगी

हाइवे के दोनों तरफ 21 प्रतिमाएं भी लगाए जाएंगी

इन प्रतिमाओं पर हरियाणा की कला एवं संस्कृति, योग एवं गीता को दर्शाया जाएगा

एक्सप्रेस वे पर 64 कलवर्ट, 8 माइनर ब्रिज, 6 मेजर ब्रिज, 4 आरओबी, 34 अंडरपास हैं

सरकार की केएमपी एक्सप्रेस-वे के साथ-साथ पांच नए शहर बसाने की भी योजना है

इनमें पहला शहर गुरुग्राम के दक्षिण में मानेसर के पास विकसित किया जाएगा

सोनीपत, झज्जर, बहादुरगढ़, नूंह, सोहना, हथीन और पलवल क्षेत्र से गुजरेगा

दिल्ली वेस्टर्न पैरीफेरल एक्सप्रेस-वे भी कहलाता है केएमपी

केएमपी एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव साल 2003 में लाया गया था

महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, बंगाल और यूपी के ट्रैफिक पर होगा असर

दिल्ली से घटेगा भारी वाहनों का बोझ, दिल्ली से कम होगा प्रदूषण

इस एक्सप्रेस वे पर 100 किमी प्रति घंटे की स्पीड से फर्राटा भरेंगी कारें

 

 

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