हरियाणा विस चुनाव से पहले जानिए, उम्मीदवारों की संपत्ति व उनके आपराधिक मामले

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Yuva Haryana

20 oct, 2019

हरियाणा विधानसभा चुनाव होने कुछ ही घंटे बचे हुए है। इसलिए जनता भी विस चुनाव में खड़े  उम्मीदवारों के बारे में जानना चाहती है कि जिस उम्मीदवार को हम विधानसभा में पहुंचाने वाले है उनका आपराधिक रिकॉर्ड कैसा है। उनके पास कितनी समंत्ति है। और किस पार्टी ने कितने धन्ना सेठों को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह सब जनता जानना चाहती है। तो जानते है कि आपके उम्मीदवारों की समंत्ति और उनके आपराधिक मामले…

 इस विस चुनाव में कितने है आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार

हरियाणा विस चुनाव 2019 में अपनी किस्मत आजमा रहे कुल 1169 में से 1138 उम्मादवारों के शपथपत्र का जांच एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटि रिफॉर्म्स (ADR) ने की है। जिससे पता चला है कि कुल 10 फीसदी यानि की 117 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, वहीं अगर हम 2014 के विस चुनाव की बात करें तो यह आंकड़ा 6 फीसदी था। इस साल के विस चुनाव में यह आंकड़ा बढ़कर 10 फीसदी हो गया है।

जानिए कौन से मामले गंभीर आपराधिक मामले में आते है……

अगरल हम गंभीर आपराधिक मामलों की बात करें तो इसमें वे सभी मामले आते है जिनमें पांच साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान हो। इसके तहत गैर जमानती अपराध, चुनाव से संबंधित अपराध, रिश्वतखोरी, सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने, हमला, हत्या, अपहरण, दुष्कर्म से संबंधित अपराधों को गंभीर प्रवृत्ति को माना जाता है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आने वाले अपराध और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम में उल्लेखित अपराध भी गंभीर माने जाते हैं।

चुनावी मैदान में भी है दुष्कर्म के आरोपी….

अलग- अलग पार्टियों की बात की जाए तो 86 में से 9 यानि 11 फीसद बसपा उम्मीदवार, 87 में से 8 यानि 9 फीसद कांग्रेस उम्मीदवार, 87 में से 6 यानि 7 फीसद जननायक जनता पार्टी के उम्मीदवार, आईएनएलडी के 80 में से 5 यानि 6 फीसद प्रत्याशी और भाजपा के 89 में से एक उम्मीदवार के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से  5 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन पर महिलाओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यहीं नहीं इन पांच में से 2 के खिलाफ तो आईपीसी की धारा 376 के तहत दुष्कर्म के मामले दर्ज हैं। 5 उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन पर हत्या की कोशिश का केस हैं। कुल 11 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्हें दोषी घोषित किया गया है।

अगर उम्मीदवारों की संपत्ति की बात करें तो 42 फीसद उम्मीदवार हैं करोड़पति……..

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार विश्लेषित 1138 उम्मीदवारों में से 481 यानि 42 फीसद उम्मीदवार करोड़पति हैं। सभी उम्मीदवारों की संपत्ति को जोड़कर अगर इसका औसत निकाला जाए तो 4.31 करोड़ होती है। हरियाणा विधानसभा के लिए चुनावी दंगल में खड़े उम्मीदवारों में से दोबारा चुनाव लड़ रहे 62 विधायकों की औसत संपत्ति 14.94 करोड़ रुपये है। वहीं अगर 2014 के  चुनाव के साथ इसकी तुलना करें तो उस वक्त दोबारा चुनाव लड़ने वाले 62 विधायकों की औसत संपत्ति 11.32 करोड़ रुपये थी। फिर से चुनाव लड़ रहे 62 विधायकों की औसत संपत्ति में पिछले पांच साल में 3.62 करोड़ का इजाफा हुआ है। औसत की बात की जाए तो संपत्ति में यह बढ़ोतरी 32 फीसद दर्ज की गई।

पांच साल में पार्टीयों के हुए करोड़ों के वारे- न्यारे……..

अगर हम अलग- अलग पार्टीयों की बात करें तो सिर्फ निर्दलियों की ही औसत संपत्ति कम हुई है। इस बार चुनाव लड़ रहे भाजपा के 39 विधायकों की औसत संपत्ति 2014 में जहां 7.31 करोड़ थी, वहीं इस बार यह 10.58 फीसद पहुंच गई है। फिर से चुनावी दंगल में किस्मत आजमा रहे 17 कांग्रेस विधायकों की औसत संपत्ति 2014 में 15.94 करोड़ थी, जो इस बार बढ़कर 18.99 करोड़ हो गई है। फिर से चुनाव लड़ रहे जननायक जनता पार्टी के दो विधायकों की औसत संपति 2014 में 30.49 करोड़ थी, जबकि इस बार यह बढ़कर 46.58 करोड़ हो चुकी है। पिछली बार के मुकाबले फिर से चुनाव लड़ रहे आईएनएलडी के एक विधायक की संपत्ति 43.13 करोड़ से बढ़कर 66.61 करोड़ पहुंची। तीन मौजूदा निर्दलीय विधायक जो इस बार भी किस्मत आजमा रहे हैं, उनकी पिछली बार औसत संपत्ति 13.97 करोड़ थी। जबकि इस बार उनकी औसत संपत्ति घटकर 10.45 करोड़ रह गई है।

ये उम्मीदवार हैं धन्ना सेठ…….

हिसार के नारनौद सीट से भाजपा उम्मीदवार कैप्टन अभिमन्यु को मंत्री के तौर पर सैलरी मिलती है, किराये के रूप में भी उनकी आमदनी होती है। इसके अलावा ट्रांस्पोर्टेशन बिजनेस, ब्याज और खेती उनके आय के स्रोत हैं। पत्नी की कुल संपत्ति को भी जोड़ दिया जाए तो इन सभी स्रोतों से उनकी कुल संपत्ति 170 करोड़ से ज्यादा है, जबकि 2014 के चुनाव के समय उनकी संपत्ति 77 करोड़ से कुछ ज्यादा थी।

कुलदीप विश्नोई हिसार की आदमपुर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार हैं। पत्नी की आमदनी को मिलाकर खेती और बिजनेस से उनकी कुल संपत्ति 105 करोड़ है, जबकि 2014 के चुनाव में भी वह इसी सीट से चुनाव लड़े थे और उस वक्त उनकी कुल संपत्ति 80 करोड़ रुपये थी।

इस बार चरखी दादरी जिले की बढरा सीट से जननायक जनता पार्टी ने नैना सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। साल 2014 के चुनाव मे वह इसी जिले के डाबवली सीट से आईएनएलडी के टिकट पर चुनाव लड़ी थीं। विधायक के तौर पर सैलरी, किराया, बिजनेस, ब्याज और खेती के अलावा पति की कुल संपत्ति मिलाकर उन्होंने कुल 91 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की है, जबकि 2014 के चुनाव में उनके पास 60 करोड़ से कुछ ही अधिक थी।

 

 

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