कुमारी सैलजा का बीजेपी-जेजेपी सरकार के सौ दिन पर वार, बोलीं- सिर्फ जुमलो की सरकार

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Sahab Ram, Yuva Haryana

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज जो अपने सौ दिनों की सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश किया है, उसमें केवल जुमले पेश किए गए हैं। सौ दिनों में प्रदेशवासियों के साथ केवल मजाक किया गया है। सौ दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इस सरकार में घोटाले पर घोटाले हुए हैं।

यह बातें कुमारी सैलजा ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहीं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार में भागीदार लोग ही सरकार पर उंगली उठा रहे हैं। अगले 5 साल में भी इस सरकार के मंत्री और विधायक ड्रामा रचते रहेंगे, ताकि असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे। आज वह लोग साथ बैठे थे, जिन्होंने एक दूसरे को विधानसभा चुनाव से पहले जमकर कोसा था और आज यही लोग आसपास बैठकर सौ दिन की उपलब्धि गिना रहे थे।

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने पिछले पांच वर्षों में जनता को गुमराह करने के काम किया है, जिसके खुलासे लगातार हो रहे हैं और लोगों को गुमराह करने का सिलसिला इनकी नई बनी सरकार में भी जारी है।

उन्होंने कहा कि इस सरकार के आते ही सबसे पहले प्रदेश में किसानों के धान की खरीद में बड़ा घोटाला हुआ, लेकिन सरकार इस पर पर्दा डालने में लगी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2 लाख 25 हजार 145 किसानों ने लगभग 9 लाख 10 हजार 700 एकड़ धान का पंजीकरण करवाया था। प्रदेश की मंडियों में धान की 4 लाख 34 हजार 783 मीट्रिक टन सरकारी और 64 लाख 68 हजार 576 मीट्रिक टन प्राइवेट खरीद हुई। जिसकी औसतन पैदावार 75 क्विंटल होती है, जितनी पैदावार प्रति एकड़ होना संभव ही नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है की प्रदेश में 30 क्विंटल प्रति एकड़ धान से ज्यादा औसतन पैदावार नहीं हुई है। इससे पता चलता है कि किस तरह से प्रदेश में बड़ा धान घोटाला हुआ। लेकिन आज मुख्यमंत्री जी कहते हैं कि प्रदेश में कोई घोटाला नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि लागत से 50 फीसद अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा करने वाली भाजपा सरकार द्वारा पिछले 5 वर्षों में गन्न्ने की कीमत में सिर्फ 30 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। प्रदेश में बनी नई सरकार ने तो गन्ना के रेटों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं की है। जबकि किसानों की लागत इन वर्षों में कई गुना बढ़ गई है।

सैलजा ने कहा कि गठबंधन सरकार में शामिल दलों ने किसानों की कर्ज माफी, बुजुर्ग पेंशन 5100 करने जैसे कई वायदे किए थे, जो आज तक पूरे नहीं हुए हैं। चुनाव से पूर्व 5100 पेंशन बढ़ोतरी की बात करने वाले इन लोगों ने सिर्फ ढाई सौ रुपए की बढ़ोतरी की। जो बताता है कि इन दलों ने जनता को गुमराह करके वोट लिए और चुनाव जीतने के बाद जनता से किए गए वायदों को भूल गई।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार ने सत्ता संभालते ही साजिश के तहत पूरे प्रदेश में प्रदूषण के नाम पर हजारों फैक्ट्रियों पर ताला लटकवा दिया है, जिससे इन उद्योगों को हजारों करोड़ का नुकसान हो गया।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़े बताते हैं कि इस सरकार ने कैसे कांग्रेस सरकार में हुए विकास कार्यों पर पूरी तरह से पानी फेर दिया है। सरकार की विफलताओं के कारण पिछ्ले कुछ समय में ही खासकर इन 100 दिनों में प्रदेश में कई बड़े उद्योग धंधों पर ताले लटक गए और हजारों कर्मचारी बेरोजगार हो गए। इस सरकार की विफलताओं के कारण ही आज हरियाणा प्रदेश की बेरोजगारी पूरे देश में सबसे अधिक हो गई। सीएमआईई के आंकडों के अनुसार वर्ष 2019 के अंत में दिसंबर महीने में बेरोजगारी दर बढ़कर 30% तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि ईमानदारी का ढोंग पीटने वाली सरकार के सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में दर्जनों पेपर लीक हो चुके हैं, जो अभी भी निरंतर जारी है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से खराब हो चुकी है। इस सरकार के पिछ्ले 5 वर्षों में महिलाओं पर अत्याचार के मामलों में जमकर वृद्धि हुई है, जो अभी भी निरंतर जारी है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ इस सरकार में आपराधिक मामलों में जबरदस्त वृद्धि हुई है। इसके बावजूद केंद्र से मिलने वाला निर्भया फंड और अन्य फंड महिला सुरक्षा पर खर्च ही नहीं की गए। नर्भया फंड के तहत प्रदेश सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए 16 करोड़ रूपये मिले, परन्तु उसका 62 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार ने खर्च ही नहीं किया। इसके अलावा वन स्टॉप सेंटर के लिए 10 करोड़ रूपये मिले, लेकिन उसका भी सरकार 81 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं किया। महिला हेल्पलाइन का भी सरकार 86 प्रतिशत फंड खर्च नहीं कर पाई है।

उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महिला सुरक्षा के लिए मिले फंडों को इस्तेमाल ना करने से साफ़ पता चलता है कि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। वहीं इस सरकार में दलित वर्ग पर भी जमकर अत्याचार हुआ है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद हरियाणा प्रदेश को एसवाईएल का पानी नहीं दिलवा पाई है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल एसवाईएल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक के लिए समय नहीं ले पाए। वहीं पंजाब के सभी दल एसवाईएल के मुद्दे पर बैठक कर रहे हैं, वहीं हमारी सरकार सोई हुई है।

उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से हरियाणा में खनन माफिया व सरकार का गठजोड़ अनेकों बार उजागर हुआ है। यमुना नदी पर गैरकानूनी बांध बना रेत, रोड़ी, पत्थर का अवैध खनन सरकार की नाक तले खुलेआम चल रहा है। अभी कुछ दिनों पूर्व ही आई कैग रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ, लेकिन यह अभी भी जारी है।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख और आदेश के बावजूद भी प्रदेश की भाजपा सरकार ने पीएलपीए संशोधन विधेयक को कानून बनाया है। भाजपा सरकार प्रदेश में मौजूद वन क्षेत्रों को नष्ट करना चाहती है और अपने चहेतों को फायदा पहुंचाना चाहती है।

उन्होंंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई गई है और यह सरकार एक हजार से ज्यादा स्कूलों को बंद करने जा रही है।

सैलजा ने कहा कि पिछ्ले दिनों आए केंद्रीय बजट में भाजपा सरकार ने हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार किया है। इस बजट से साफ हो गया कि विधानसभा चुनाव में प्रदेश वासियों द्वारा भाजपा को 40 सीटों पर समेट देने के बाद भाजपा हरियाणा के लोगों से बदला लेने पर उतारू है। इसी कारण इस बजट में हरियाणा प्रदेश के लोगों को कुछ भी नहीं मिला है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार में पिछले कई वर्षों में यह दावा किया कि प्रदेश के 4200 गांवों को 24 घंटे बिजली मिल रही है, लेकिन जो खबरें सामने आ रही हैं वह बताती है कि प्रदेश के केवल 70 गांव ही ऐसे हैं जहां 24 घंटे बिजली दी जा रही है।

उन्होंंने कहा कि आज इन सभी मुद्दों पर मुख्यमंत्री जी ने चुप्पी साध ली, इससे साफ पता चलता है कि यह सरकार किस तरह से लोगों को गुमराह कर प्रदेश के साथ विश्वासघात कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हम नहीं बल्कि आंकड़े बोल रहे हैं कि यह सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हुई है, इस सरकार की विफलताओं की लंबी लिस्ट है।

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