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सक्रिय राजनीति में आने की तैयारी में लॉरेंस, बिश्नोई समाज के लिए करना चाहता है सलमान की हत्या

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 21 June, 2018

गैंगस्टर संपत नेहरा की गिरफ्तारी के बाद अब धीरे-धीरे लॉरेंस गैंग के काले कारनामों की परत खुलती जा रही है। संपत नेहरा को हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया, जिसके बाद से पूछताछ में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

गैंगस्टर संपत नेहरा अपना आईडल लॉरेंस बिश्नोई को मानता है, संपत नेहरा लॉरेंस बिश्नोई के कहने पर ही गुनाह की दुनियां में आया। इस दौरान संपत नेहरा और लॉरेंस बिश्नोई की यारी पढाई के दौरान ही हुई।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई दरअसल पंजाब के अबोहर के रहने वाला है, लॉरेंस का पिता पुलिस में रह चुके हैं। वहीं लॉरेंस के पुश्तैनी जमीन भी है जिस वजह से उसने ऐशोआराम की जिंदगी जीने और राजनीति में आने की इच्छा पाली।

बताया जा रहा है कि लॉरेंस बिश्नोई ने गुनाह की दुनियां में कदम तब रखा था जब उसने छात्र चुनावों में आकर राजनीति शुरु की थी, इस दौरान उसकी छात्र गैंग के कुछ लोगों से ही भिंड़त हुई थी, उसके बाद से लॉरेंस ने अपनी गैंग बनानी शुरु कर दी और गुनाह की दुनियां में कदम रख दिया।

इतना ही नहीं साल 1998 में जब काला हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान समेत कई अभिनेताओं का नाम सामने आया तो लॉरेंस ने सलमान खान के खिलाफ लड़ाई की सोची थी, इसके पीछे एक वजह यह भी है कि बिश्नोई समाज के लोगों ने हिरण को बचाने का बीड़ा उठाया हुआ है, और इसी वजह से लॉरेंस ने सलमान खान से दुश्मनी पाली और मीडिया के सामने ही हत्या की चेतावनी दी।

लॉरेंस बिश्नोई की गुनाह की दुनिया में इंट्री के साथ ही उसने अपने धुर विरोधियों को पछाड़ना शुरु कर दिया, तेज दिमाग के लॉरेंस ने अपनी गैंग तैयार कर ली। लॉरेंस ने अपना छात्र गुट बना लिया था, स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी के नाम से। इसमें उसने कई युवाओं को अपने साथ जोड़ लिया। इसी दौरान संपत नेहरा भी लॉरेंस गुट से जुड़ गया।

बताया जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई राजस्थान, पंजाब और चंडीगढ़ में अपनी गैंग के जरिये रंगदारी वसूलने समेत कई गैरकानूनी कामों में लगा हुआ था। इस दौरान उसकी उदय सह और डग ग्रुप से साल 2011 में छात्र संघ चुनाव को लेकर ही दुश्मनी हुई थी, जिसके बाद लॉरेंस बिश्नोई की अपराध की दुनियां में रंग लगने लगे।

लॉरेंस बिश्नोई पर 50 से ज्यादा मुकद्दमे दर्ज हैं, इनमें से कुछ केसों में बरी हो चुका है, वहीं कई केसों में अभी भी तारीखों और जेलों की खींचतान में है। साल 2014 में अपने दो ममेरे भाईयों की हत्या के आरोपियों से बदला लेने के लिए वह साल 2015 में पुलिस गिरफ्त से फरार हो गया था। हालांकि अभी तक अपने ममेरे भाईयों के हत्यारों तक लॉरेंस नहीं पहुंच पाया है, लेकिन इस दौरान उसने इन हत्यारों की पूरी रैकी करवाई। गैंगस्टर रम्मी मसाना और हरगोबिंद सिंह ने लॉरेंस के ममेरे भाईयों की हत्या करवाई थी, जो दोनों ही जेल में बंद है।

संपत नेहरा ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया था कि उनको लंदन से फंड मिलता है, और इसका यह भी संभावित है क्योंकि जब लॉरेस बिश्नोई पुलिस कस्टडी से भागकर नेपाल गया था, तो इस दौरान उसने बुलेटप्रुफ जाकेट और विदेशी हथियार खरीद लिये थे।

लेकिन कुछ समय बाद ही पुलिस के हत्थे फिर से लॉरेंस बिश्नोई चढ़ गया, जोधपुर की जेल में बंद किया गया, लेकिन बताते हैं कि जेल से ही लॉरेंस बिश्नोई फोन के जरिये अपनी वारदातों को अंजाम देता है, रंगदारी वसूलने से लेकर हत्या तक के काम लॉरेंस के शूटर चंद मिनटों में ही काम करते हैं।

बताते हैं कि साल 2017 में राजस्थान के जोधपुर के एक डॉक्टर और ट्रैवलर की मारने के लिए 50 लाख रुपये की सुपारी ली थी, और फोन के जरिये ही डॉक्टर की गाड़ी में आग लगवा दी थी। जिसके बाद पुलिस ने लगातार लॉरेंस की बढ़ती क्राइम डायरी से परेशान होकर अजमेर की हाई सिक्योरिटी घूघरा जेल में शिफ्ट कर दिया।

बताते हैं कि लॉरेंस बिश्नोई को आनंदपाल गैंग का भी समर्थन मिल गया था, दोनों ने मिलकर भी आपस में कई वारदातों को अंजाम दिया, हालांकि पिछले दिनों आनंदपाल का एनकाउंटर राजस्थान पुलिस ने कर दिया था।

लॉरेंस बिश्नोई अपने समाज के वोटों को बटोरने के लिए सलमान खान को मारने ही चाहते थे, वहीं सक्रिय राजनीति में आने का प्लान बना रहा है, राजस्थान में जहां बिश्नोई समाज के काफी वोट है, वहीं हरियाणा और पंजाब के तटवर्टी इलाकों में भी बिश्नोई समाज के लोग रहते हैं।

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