करोडों रूपए लगाने के बाद भी 10वीं-12वीं के विद्यार्थी पास होने के अंको तक सीमित

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Yuva Haryana

Kaithal, 26 Jan, 2019

हरियाणा सरकार में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई का स्तर बहुत कम है।

उनका कहना है कि 10वीं व 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम के अवलोकन से पता चलता है कि लगभग 80 प्रतिशत विद्यार्थी पास होने लायक अंकों तक ही सीमित हैं। जबकि शिक्षा का बजट करीब साढ़े 12 हजार करोड़ का है।

विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा की आदत को विकसित करने के लिए उनसे गत 3 वर्षों के प्रश्न पत्रों को भी हल करवाया जा रहा है। नौंवी से 12वीं कक्षा को पढ़ाने वाले लगभग 3500 अध्यापकों की सेवाएं भी विभाग को जल्द मिलेंगी और टीजीटी की भर्ती बारे भी कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अध्यापक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। फीस के संदर्भ में उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय केवल पहली, छटी, नौवीं एवं 11वीं कक्षा में प्रवेश फीस ले सकते हैं। इन कक्षाओं के अतिरिक्त यदि कोई निजी विद्यालय प्रवेश शुल्क लेता है तो उसकी शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी व विभाग को दी जाए।