लोकसभा में बिल पारित, 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी टैक्स फ्री होगी

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लोकसभा में ग्रेच्युटी भुगतान संशोधन विधेयक 2017 पास हो गया है। इस बिल से निजी क्षेत्र के लोगों को फायदा होगा। जिससे निजी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को 20 लाख रुपए तक टैक्स फ्री ग्रेच्युटी मिल सकेगी।
बता दें कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पहले ही 20 लाख रुपए तक टैक्स फ्री ग्रेच्युटी का प्रावधान किया हुआ है। लोकसभा में श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने उपदान भुगतान विधेयक 2017 को पारित करने के लिए पेश किया गया। विपक्षी सदस्यों ने इन बिलों पर बहस और विभाजन की मांग की थी, लेकिन विपक्ष की मांग के बीच बिल को बहस के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
इसमें 10 से 20 लाख हो गई टैक्स फ्री ग्रेच्युटी की सीमा अभी संगठित क्षेत्र में 5 साल या इससे अधिक अवधि तक नौकरी कर चुके कर्मचारी नौकरी छोड़ने या रिटायर होने के बाद 10 लाख रुपए तक फ्री ग्रेच्युटी के योग्य माने जाते है। लेकिन इस बिल के कानून बन जाने के बाद यह सीमा दुगुनी हो जाएगी। सातवें वेतन आयोग के बाद केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया।

केंद्र के निरंतर सेवा में शामिल महिला कर्मचारियों को वर्तमान 12 सप्ताह के स्थान पर 26 सप्ताह का प्रसूति अवकाश किया जाएगा। प्रसूति सुविधा संशोधन अधिनियम 2017 के माध्यम से प्रसूति छुट्टी की अवधि पहले से 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दी गई है।
असल में क्या है ग्रेच्युटी ?
ग्रेच्युटी आपकी सैलरी का वह हिस्सा है, जो कंपनी या आपका नियोक्ता, यानी एम्लॉयर सालों की सेवाओं के बदले देता है। ग्रेच्युटी वह लाभकारी योजना है जो रिटायरमेंट लाभों का हिस्सा है, जो नौकरी छोड़ने या खत्म हो जाने पर कंपनी द्वारा दिया जाता है।
ग्रेच्युटी ऐसे कर्मचारियों को दी जाती है, जो लगातार 4 साल,10 महीने, 11 तक काम कर चुका हो। ऐसे कर्मचारियों की सेवा को पांच साल की अनवरत सेवा माना जाता है। पांच साल की योजना के बाद ही ग्रेच्युटी मिलता है।

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