Home Breaking सिरसा में दुकानें खुलने के समय मे किया गया बड़ा बदलाव, जनता ले सकती है पास, जानिये

सिरसा में दुकानें खुलने के समय मे किया गया बड़ा बदलाव, जनता ले सकती है पास, जानिये

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Yuva Haryana, Sirsa

सिरसा, उपायुक्त रमेश चंद्र बिढान ने कहा कि कोरोना वायरस की रोकथाम व इसके फैलाव को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन में सभी को अपनी भागीदारी निभानी होगी तभी इस दिशा में सफलता हासिल की जा सकती है। लॉकडाउन की दृढता से अनुपालना सुनिश्चित करने के उदेश्य से आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के खोलने के समय में बदलाव किया गया है।

उन्होंने बताया कि अब किरयाणा की दुकानें प्रात: 10 से 2 बजे तक ही खुलेंगी। इसी प्रकार दूध या डेयरी उत्पादन की दुकानें प्रात: 6 से 8 बजे व सायं 6 से 8 बजे तक, वेंडर के लिए प्रात: 6 से 9 बजे व शाम को 6 से 8.30 बजे का समय रहेगा। उन्होंने बताया कि फल व सब्जियों की दुकान खुलने का समय प्रात: 9 से 4 बजे तक का समय रहेगा। मेडिकल हाल का समय प्रात: 10 से सायं 5 बजे तथा पैट्रोल पंप प्रात: 7 से सायं 7 बजे तक खुले रहेंगे।

लॉकडाउन में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध किए हैं। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई व आपूर्ति सुगमत से आमजन को हो इसके लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। प्रशासन द्वारा दुकानदारों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इनकी अनुपालना गंभीरता से करें, ताकि लॉकडाउन को सफल बनाया जा सके। दुकानदार ध्यान रखें कि ग्राहक बाहर खड़ा हो और 2 से ज्यादा व्यक्ति एक साथ उचित फासले के साथ रहेंगे । इसके लिए दुकान के बाहर 4 फुट की दूरी के साथ गोल सर्कल बनाये जाए ताकि ग्राहक उसमे खड रहे और बारी बारी से अपना सामान लेते रहे। ध्यान रहे कि दुकान पर ग्रहकों की संख्या 5 या 6 से ज्यादा ना हो। दुकानदार स्वयं व दुकान पर कार्य करने वाला व्यक्ति मास्क, दस्ताने व सैनिटाइजर के साथ रहे। दुकान के बाहर फिटकरी डेटोल का घोल पंप के साथ रखना जरूरी है । दुकानदार नाजायज रेट के साथ कालाबाजारी ना करे। निर्धारित मूल्य पर ही सामान बेचें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रशासन की पैनी नजर रहेगी। कोई भी नियमों की उल्लंघना करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

तकनीकी व यांत्रिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के आने जाने पर दी गई छूट

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के चलते आमजन को किसी भी प्रकार की  उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने बताया कि इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, लिफ्ट टेक्नीशियन, एयर कंडीशनर मैकेनिक, व्हीकल मैकेनिक, जेनरेटर मैकेनिक, टेलीविजन मैकेनिक, डिश टीवी / केबल / सीसीटीवी मैकेनिक, इंटरनेट सेवा, एलपीजी तकनीशियन, सैनिटेशन वर्कर, उपकरणों के रखरखाव / मुरम्मत  आदि अतिआवश्यक प्रकृति वाले कार्यों के लिए आमतौर पर विभिन्न आवासों, अपार्टमेंट्स, भवनों में मैकेनिक की आवश्यक रहती हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन अवधि के दौरान इन तकनीशियनों / यांत्रिकी व्यक्तियों को पैदल या वाहनों द्वारा आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है ताकि नागरिकों को किसी भी कठिनाई का सामना न करना पड़े। आदेशों के अनुसार केवल दो ही तकनीकी व्यक्ति आवासों, अपार्टमेंट्स, भवनों में प्रवेश कर सकेंगे और प्रवेश से पहले उन्हें स्वयं को व अपने औजारों को सैनिटाइज करना होगा ताकि कोरोना वायरस के बढने की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। मुरम्मत कार्यों के दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन सख्ती से करना होगा।

लॉकडाउन : आमजन के सहयोग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं स्वयंसेवी व दुकानदार

उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि नागरिकों की भलाई, सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे है और नागरिकों को लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में परेशानी न हो इसके लिए भी योजनाबद्ध तरीके से वार्ड वाइज व मोहल्ला वाइज सब्जी व फल की सप्लाई रेहडिय़ों के माध्यम से करवाई जा रही है।

उपायुक्त ने बताया कि इस संकट की घड़ी में प्रशासन के साथ-साथ कई सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के साथ-साथ अन्य स्वयं सेवक भी नागरिक हित में सहयोग कर रहे हैं, जो सराहनीय है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति जो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में योगदान देकर लोगों की मदद करना चाहता है। वह इस वेबसाइट सीओवीआइडीएसएसहरियाणाडॉटइन पर जाकर अपना पर पंजीकरण कर सकता है। स्वयं सेवकों को हरियाणा सरकार ने कोविड-19 संघर्ष सेनानी का नाम दिया है। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार कोई भी इच्छुक दुकान / स्टोर मालिक (किराना / सब्जी / दूध / केमिस्ट, आदि) आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने के लिए अपना पंजीकरण करवा सकता है एवं कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई में योगदान दे सकता है। उन्होंने बताया कि नागरिक कोरोना के खिलाफ जंग में अपना योगदान दें और बहुत अधिक जरूरी होने पर ही अपने घर से बाहर न निकलें। आमजन को लॉकडाउन के दौरान जरूरत की हर चीज उनके घर पर ही मुहैया कराएगी। इसके लिए सरकार की तरफ से घरों में खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले स्वयंसेवकों सहित दुकानदारों का भी पंजीकरण किया जा रहा है।

भवन स्वामी किसी भी स्थिति में मजदूर कर्मचारी से आगामी एक माह तक न मांगे किराया : डीसी बिढ़ान

उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 30 के तहत आदेश पारित किए हैं कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी भवन स्वामी किसी भी स्थिति में किसी मजदूर कर्मचारी या जिले की विभिन्न इकाइयों, कंपनियों, कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों से आवासीय भवन किराए की मांग आगामी एक माह तक न करें। उपायुक्त ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण जिला की वर्तमान परिस्थिति के दृष्टिगत यह आवश्यक है कि सभी लोगों को पूरी आवासीय सुरक्षा मिलनी चाहिए।

आदेशों के अनुसार जो प्रवासी लोग अपने गृह राज्य या शहर में पहुंचने के लिए निकले हैं, उन्हें मानक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के अनुसार न्यूनतम 14 दिनों की उचित जांच के लिए निकटतम आश्रय में क्वारंटाइन के लिए रखा जाए। इस दौरान संस्थान के मालिक को ही गरीब मजूदर, कर्मचारियों के लिए ठहरने व भोजन की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा इन संस्थानों में कार्य कर रहे कर्मचारियों को संस्थान मालिक द्वारा प्रतिष्ठान को बंद करने के दौरान का वेतन निर्धारित तिथि पर व बिना किसी कटौती के देना होगा। विभिन्न इकाइयों, कंपनियों, कार्यालयों में काम करने वाले मजदूर, कर्मचारियों के लिए संस्थानों के मालिक अस्थाई आश्रय व भोजन की व्यवस्था करेंगे। साथ ही कोई भी मकान मालिक अपने परिसर को खाली करने के लिए मजदूरों को विवश नहीं कर सकता, ऐसा करने पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

आपात स्थिति में यात्रा करने को दी गई ई-पास की सुविधा, ऑनलाइन करें आवेदन

उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने बताया कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान चिकित्सा संबंधी गंभीर स्थिति जैसी हालत में नागरिक ऑनलाइन ई-पास बनवा सकते हैं। नागरिकों को वेबसाइट सरलहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन ( https://saralharyana.gov.in ) से ई-पास जारी किए जाएंगे। ई-पास बनवाने के लिए सबसे पहले दी गई वेबसाइट के लिंक को ओपन करना होगा। इसके कॉविड-19 पास लिंक पर क्लिक करना होगा, फिर एक फारमेट खुलेगा। जिसमें मांगी गई सभी जरूरी सूचनाएं भरनी होंगी व जरूरी कारण भरना होगा। अगर आपकी समस्या जायज है तो आपको आपका ई-पास जारी करके आपके पास एसएमएस द्वारा या ई-मेल के माध्यम से आपके पास भेज दिया जाएगा। अगर समस्या इमरजेंसी नहीं है तो आपको ई-पास जारी नहीं किए जाएंगे। इस संबंध में डीआइजी एवं पुलिस अधीक्षक सिरसा द्वारा भी सभी पुलिस अफसरों व कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि अगर कोई भी व्यक्ति अपना ई-पास दिखाता है तो उसको रोका न जाए।

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