मनेठी में एम्स को लेकर मनोहर सरकार का यू-टर्न, अति उत्साह में कर दी थी घोषणा, अब किया किनारा

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Devender Kumar, Yuva Haryana
Kosli, 03 Oct, 2018
मनोहर सरकार ने एक बार फिर एक बड़ी घोषणा पर यूटर्न ले लिया है। भाजपा सरकार बनने के बाद वर्ष 2015 में तीन वर्ष पूर्व बावल में हुई एक रैली के दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर ने गांव मनेठी में एम्स खोलने की घोषणा की थी ताकि क्षेत्र के लाखों लोगों को इसका लाभ मिल सके। लेकिन अब चार वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक एक ईंट भी नही लगाई।
भाजपा सरकार की इस घोषणा को लेकर अब ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीण धरने पर बैठ गए हैं और स्थानीय लोगों ने अब उनकी इस मांग को पूरा ना करने की स्थिति में चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खुद यहां पर एम्स बनाने की घोषणा की थी। जिसके लिए गांव मनेठी की पंचायत द्वारा सभी फॉर्मेलटीज  पूरी की गई और एम्स के लिए 200 एकड़ भूमि भी दी गई है। संघर्ष समिति इस मामले को लेकर सीएम खट्टर से भी मुलाक़ात कर चुकी है। लेकिन उन्होंने अपने जवाब में कहा कि राव इंद्रजीत ने दवाब बनाकर उनसे यह घोषणा करवाई गई थी। यहां एम्स की बहुत जरूरत है, क्योंकि यहां से 100 से 150 किलोमीटर तक कोई भी एम्स नही होने की वजह से लोगों को काफ़ी परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। सीएम द्वारा ये कहे जाना की कुछ लोगो ने वो घोषणा उत्साह में करवा दी गयी थी तो संघर्ष समिति के लोगो ने शांति पूर्ण अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
मुख़्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने रेवाड़ी में 29 सितंबर को पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि एम्स का प्रोजेक्ट सेंट्रल गोवेर्मेंट ने पास नहीं किया कुछ लोगों ने उत्साह में आकर एम्स की घोषणा करवा दी थी।

वहीं रोहतक लोकसभा से संसाद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा की बीजेपी सत्ता में आने से पहले कह रही थी की वो हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज खोलेगी जबकि ऐसे पहले मुख्यमंत्री देखे हैं जिनके खुद की घोषणा के मायने नहीं है वो खुद द्वारा की गई घोषणा को ही उत्साह में की गई घोषणा बता रहे हैं।

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