अपनी ही घोषणा से पलटी हरियाणा सरकार, करनाल मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम कल्पना चावला की बजाय दीनदयाल उपाध्याय होगा

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार अपनी उस घोषणा से मुकर गए हैं जो उन्होंने सरकार बनने के एक महीने बाद की थी। राज्य सरकार की तरफ से सोमवार को पत्र जारी कर करनाल में बनने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने की घोषणा की जबकि 13 दिसंबर 2014 को खुद मुख्यमंत्री ने फैसला लिया था कि इस शहर में अंतरिक्ष यात्री व करनाल की बेटी कल्पना चावला के नाम पर मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।

13 दिसंबर 2014 को चंडीगढ में कल्पना चावला मैडीकल कालेज के निर्माण की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई थी जिसमें फैसला लिया गया कि शहर में मेडिकल यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी और उस कॉलेज को भी यूनिवर्सिटी से संबद्ध कर दिया जाएगा। प्रस्तावित विश्वविद्यालय से कई मैडीकल कालेज, नर्सिंग कालेज, डेंटल कालेज को जोड़ा जाना था। वहां कम से कम 200 सीटों का एक मैडिकल कालेज, 750-1000 बिस्तर का अस्पताल, एक डेंटल कालेज व भारत सरकार से समन्वय के साथ कुछ चिकित्सा संस्थान भी स्थापित करने की बात कही गई थी।

लेकिन अपनी इस घोषणा से सरकार को कुछ महीने बाद ही मन बदल गया था और मुख्यमंत्री समेत सभी भाजपा नेता इस प्रस्तावित विश्वविद्यालय का नाम कल्पना चावला के नाम पर रखने के सवाल पर कन्नी काटने लगे थे। राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हुई कि भाजपा सरकार इसका नाम अपने किसी चहेते नेता के नाम पर रखने की सोच रही है। यह आशंका अब एक सच्चाई और सरकारी घोषणा का रूप ले चुकी है।

13 दिसंबर 2014 को हरियाणा सरकार की घोषणा पर आधारित समाचार जिसमें कल्पना चावला के नाम पर करनाल में मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने की घोषणा की गई थी।

सोमवार को जारी सरकार आदेश में बताया गया है कि इस बारे में राज्य सरकार 27 अप्रैल को आदेश जारी कर चुकी है और करनाल की हेल्थ साईंस यूनिवर्सिटी का नाम अब दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसिज होगा। इस बारे में अब सभी संबंधित विभागों, जिला शिक्षा अधिकारियों, रजिस्ट्रार आदि को आधिकारिक तौर पर सूचित किया गया है।

दरअसल करनाल में हुड्डा सरकार के समय से ही कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज चल रहा है और वह अब भी पहले की तरह ही चलता रहेगा। करनाल से विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक और फिर मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर ने सरकार बनते ही करनाल को तोहफा देने के लिए कल्पना चावला के नाम पर हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा कर दी थी। लेकिन बाद में पुनर्विचार कर इस बारे में सरकार ने मन बदल दिया और कल्पना चावला की बजाय अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता दिवंगत दीन दयाल उपाध्याय को यूनिवर्सिटी के नाम के साथ जोड़ दिया।

इस बारे में राज्य सरकार के मंत्री और स्थानीय विधायक पहले भी बयान देते रहे हैं और 5 मई 2018 को इस विश्वविद्यालय के शिलान्यास के लिए प्रधानंमंत्री नरेंद्र मोदी के करनाल आने की भी चर्चाएं थी। घरौंडा के विधायक हरविंदर कल्याण ने इस बारे में दावा भी किया था जिसके बाद प्रशासन और पार्टी ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां शुरू की थी लेकिन ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं हुआ।

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