मनरेगा मजदूरों को मनोहर सौगात, बढाई गई दिहाड़ी, जानिए

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Yuva Haryana, Chandigarh

हरियाणा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के तहत काम करने वाले ग्रामीण श्रमिकों के लिए  एक अच्छी खबर है। बता दें कि सरकार ने मनरेगा में तय दिहाड़ी को बढ़ाने का फैसला लिया है। 63 रुपये रोजाना दिहाड़ी में बढ़ोतरी होगी। अभी मनरेगा के तहत मजदूरों को 284 रुपये दिहाड़ी मिलती है। विकास एवं पंचायत विभाग के इस प्रस्ताव पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने मुहर लगा दी है।

दिहाड़ी में बढ़ोतरी से जुड़ी फाइल अब वित्त विभाग में मंजूरी के लिए गई है। प्रदेश में वित्त विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही है। ऐसे में इस पर अगले कुछ रोज में ही फैसला होने के आसार हैं। इतना ही नहीं, सरकार ने राज्य के सभी गांवों को मनरेगा के दायरे में लाने का भी फैसला लिया है। मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों की सूची पहले से ही तय है। पिछले वर्ष पहले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव के चलते मनरेगा के तहत काम बेशक कम समय के लिए हुआ, लेकिन मजदूरों को इसका नुकसान नहीं हुआ।

आपको बता दें कि 2018 के दौरान मनरेगा में मजदूरों को लगभग 350 करोड़ रुपये का काम मिला, वहीं 2019 में आचार संहिता के चलते केवल 5 महीने काम होने के बाद भी 300 करोड़ रुपये से अधिक का काम मजदूरों को मिला। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी सरकार द्वारा करीब 340 रुपये तय की हुई है। ऐसे में मनरेगा के तहत कम दिहाड़ी होने का मुद्दा भी कई बार उठ चुका था। इसी के चलते सरकार ने मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को भी दूसरे मजदूरों की श्रेणी में लाने का फैसला लिया है। न्यूनतम मजदूरी देने के मामले में हरियाणा, देशभर में सबसे आगे है। 63 रुपये की बढ़ोतरी का भुगतान सरकार द्वारा अपने खजाने से किया जाएगा। वहीं 284 रुपये केंद्र की ओर से दिए जाएंगे। केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना के तहत पहले ही तय किया हुआ है कि 90 प्रतिशत राशि का भुगतान केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकारें करेंगी।

दिहाड़ी का भुगतान 20 दिनों के अंदर करने का प्रवाधान……
सरकार ने यह भी तय किया है कि मनरेगा के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को उनकी दिहाड़ी का भुगतान भी 15 से 20 दिनों के भीतर किया जाएगा। पहले दो से तीन महीने में भुगतान होता है। वर्तमान में औसतन 22 दिन में दिहाड़ी दिए जाने की व्यवस्था विभाग कर चुका है। पंचायती राज संस्थाओं के सभी अधिकारियों को इस संदर्भ में निर्देश दिए गए हैं कि वे मजदूरों को उनकी दिहाड़ी समय पर दिलवाना सुनिश्चित करें।

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