महिला कैप्टन ने मेजर जनरल पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, आर्मी कोर्ट ने किया बर्खास्त

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 24 Dec, 2018

वेस्टन कमांड चंडीमंदिर में आर्मी कोर्ट ने एक सर्विंग जनरल मेजर जनरल को बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। मेजर पर महिला कैप्टन द्वारा  यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित महिला ने आर्मी कोर्ट में इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।कोर्ट मार्शल के फैसले पर आर्मी चीफ की मुहर लगनी अभी बाकी है।

बताया जा रहा है कि मामला उस समय का है जब मेजर एमएस जसवाल असम राइफल नागालैंड इंस्पेक्टर जनरल के पद पर तैनात थे। उस समय जज एडवोकेट जनरल ब्रांच की महिला कैप्टन ने अपने सीनियर अफसरों के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाई थी।

शिकायत में कहा गया था कि सीनियर अधिकारी जसवाल ने आधिकारिक काम के लिए देर शाम उन्हें अपने कमरे पर बुलाकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया। जिसके बाद आर्मी कोर्ट ने जनरल एमएस जसवाल के खिलाफ आर्मी एक्ट अंडर सेक्शन-65 और इंडियन पैनल कोड के सेक्शन- 357 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

जांच के बाद आर्मी ने दोषी के खिलाफ आर्मी एक्ट के सेक्शन- 45 के तहत कोर्ट मार्शल की कार्रवाई शुरू की, जो कि इंजीनियरिंग ब्रिगेड के हेडक्वार्टर में 18 जून से शुरू हुई थी। कोर्ट मार्शल के प्री ट्रायल प्रोसिडिंग्स में जनरल मेजर एमएस जसवाल ने सभी आरोपो को बेबुनियाद बताया था। मेजर ने कहा था कि आर्मी के शीर्ष स्तर पर चल रही लड़ाई में उन्हें मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया गया है। यह फैसला गलत है और वह इसके खिलाफ अपील करेंगे।

कोर्ट मार्शल के दौरान मेजर जनरल रैंक के सैन्य अधिकारी को अंबाला अटैच कर दिया गया था। मेजर जनरल ने कोर्ट मार्शल की इस प्रोसिडिंग को आर्मी फोर्स ट्रिब्यूनल के दिल्ली बेंच में चैलेंज भी किया है।

बता दें कि मेजर जनरल पर यह आरोप उस समय लगे थे जब वह असम राइफल में अपनी टर्म पूरी करने वाले थे और सेंट्रल कमांड में उनकी तैनाती लैफ्टिनेट जनरल पद पर चीफ ऑफ द स्टाफ के रूप में होने वाली थी।

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