नवंबर 2015 के बाद प्याज का मासिक निर्यात पहली बार 1 लाख टन से नीचे गिरा

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प्याज उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर लेकिन प्याज किसानों को इस खबर से निराशा हो सकती है क्योंकि देश से प्याज का निर्यात करीब 2 साल के निचले स्तर तक गिर गया है। नवंबर से पहले देश मे प्याज निर्यात में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी और घरेलू स्तर पर प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली जिस वजह से निर्यात पर रोक लगाने के लिए सरकार ने नवंबर में ही प्याज निर्यात पर 850 डॉलर प्रति टन न्यूनतम निर्यात मूल्य की शर्त लगाई थी।

सरकार के इस कदम से निर्यात घटने लगा और कीमतों में भी नरमी आना शुरू हुई। लेकिन कारोबारियों का कहना है कि न्यूनतम निर्यात मूल्य की शर्त हटने के बावजूद भी निर्यात में इजाफा नहीं हो पा रहा है जिस वजह से कीमतों पर दबाव आ गया है।

बता दें कि आंकड़ों के मुताबिक नवंबर के दौरान देश से सिर्फ 92944 टन प्याज का निर्यात हो पाया था, नवंबर 2015 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि मासिक निर्यात 1 लाख टन से नीचे गिरा हो। नवंबर से पहले अक्टूबर के दौरान देश से 1.75 लाख टन प्याज का निर्यात हुआ था।

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