यमुनानगर में कुट्टू का आटा खाने से 200 से ज्यादा लोग बीमार, अस्पताल में जुट गई भीड़

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Yuva Haryana, Yamunanagar

यमुनानगर के जगाधरी में नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे की रोटी खाने से बीमार हुए लोगों की संख्याज 243 पर पहुंच गई है। इन लोगों को जगाधरी के सिविल अस्पताल सहित विभिन्नव अस्पेतालों में दाखिल कराया गया है। सभी लोग अलग-अलग कॉलोनियों के रहने वाले हैं। बीमार लोगों में कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर का गनमैन भी शामिल है। बुधवार को 42 लोगों को अस्पतताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बृहस्पातिवार को यह संख्याख 243 इसके पर पहुंच गई।

नवरात्र में कुट्टू के आटे की रोटी और पूड़़ी खाने से जगाधरी एरिया में लोगों की हालत बिगड़ गई। रात तक जगाधरी के सिविल अस्पताल में मरीजों की लाइन लगी रही। 243 मरीजों को हालत बिगडऩे पर अस्पताल में दाखिल कराया गया। इससे अफरा तफरी मची रही। लगातार आ रहे मरीजों को देख चिकित्सकों के हाथ पैर फूल गए। सिविल अस्पताल में बेड की व्यवस्था कम होने पर मरीजों को यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इनमें से 55 को बुधवार को ही प्राथमिक चिकित्सा के बाद छुट्टी दे दी गई। वहीं 109 मरीजों की बृहस्पतिवार को छुट्टी की गई। फिलहाल 29 मरीज दाखिल हैं। 19 मरीज निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि कुट्टू का आटा खाने की वजह से लोगों की हालत बिगड़ी थी। उन्हें इलाज के बाद छुट्टी दी जा रही है। कोई भी ऐसा गंभीर मरीज नहीं आया, जिसे रेफर करना पड़े।

बुधवार को नवरात्र का पहला दिन था। व्रत रखने वाले कुट्टू के आटे का प्रयोग करते हैं। जगाधरी में बुधवार की शाम कुट्टू का आटा खाने लोगों की हालत बिगड़ गई। अधिकतर को उल्टियां लग रही थी। पहले पुलिस लाइन निवासी प्रवेश कुमार, उसकी पत्नीि बिंदू और बेटे दिवांश, गंगानगर कॉलोनी से कृष्णा, अनिता, राजा वाली गली निवासी ललित, उनकी पत्नी निशा, बेटी प्रियांशी व बेटे रिषि को अस्पताल में दाखिल कराया गया। इन सभी ने कुट्टू के आटे की रोटियां खाई थी। इसके बाद अचानक से मरीजों की लाइन लग गई। सभी को उल्टियां और दस्त की शिकायत थी। शाम से यह सिलसिला शुरू हुआ। रात तक मरीज आते हैं। इनमें मुखर्जी पार्क, सिविल लाइन, गंगानगर कॉलोनी, चूना भट्टी व जगाधरी एरिया के ही गांव खारवन, कैल से भी मरीज पहुंचे।

सिविल अस्पताल में अचानक से मरीजों की संख्या बढ़ जाने से इंतजाम कम पड़ गए। इस वजह से एक बेड पर दो मरीजों को लिटाना पड़ा। रात तक जब मरीज आते रहे और बेड कम पड़ गए, तो उन्हें यमुनानगर के ट्रॉमा सेंटर में दाखिल कराया गया था। सुबह को एसडीएम जगाधरी दर्शन कुमार भी अस्पताल में पहुंचे। किरयाना की दुकानों पर छापेमारी करने के निर्देश दिए गए। जगाधरी में तीन दुकानों पर छापेमारी की गई। बीमार लोगों ने बताया कि व्रत के दौरान सभी ने कुट्टू के आटे की रोटी खाई थी। इसके बाद उन्हें उल्टी आने लगी। हालत बिगडऩे पर पड़ोसियों ने उन्हें जगाधरी के सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। यहां पर बेड कम पड़ने पर दो मरीजों को एक साथ लिटाया गया।

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