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हड़ताल पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, चरमरा सकती है स्वास्थ्य सुविधाएं

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Yuva Haryana
Chandigarh, 27 August, 2018
संघर्ष करने के बावजूद मांगे पूरी न करने के विरोध में MPHW कर्मचारी आज से अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर समय रहते सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया और नोटिफिकेशन जारी नहीं किया तो उनका यह धरना बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसके लिए सरकार पूरी तरह जिम्मेदार होगी और आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार को इसका भारी खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने आज “अनिश्चितकालीन काम छोड़ो हड़ताल”के अंतर्गत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और चेताया है कि जब तक माँगें पूरी नही होंगी तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आज के बेमियादी हड़ताल के प्रथम दिन प्रदर्शन की अध्यक्षता ज़िला प्रधान अनिल गोयत और संचालन ज़िला सचिव बजरंग सोनी ने किया। ज़िलेभर के बहुद्देशीय कर्मचारियों ने आज सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष सरकार के खिलाफ जमकर गरजे और सरकार की वादाखिलापी और विश्वासघाती नीतियों की जमकर निंदा की।
प्रदर्शन में सर्व कर्मचारी संघ के ज़िला सचिव अनिल शर्मा,ब्लॉक प्रधान दीपक लोट,सचिव अशोक सैनी ने बताया कि आंदोलन में सर्व कर्मचारी संघ का समर्थन सदैव जारी रहेगा। ज़िलेभर से सैंकड़ों कर्मचारी मुख्यालय पर पहुँचे जिसके कारण टीकाकरण, मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, टीबी, गर्भवती महिलाओं का चेकअप,जन्म-मृत्यु पंजीकरण सेवाएँ,प्रसव पूर्व-उपरांत देखभाल,मच्छर जनित,जल जनित बीमारियों के लिये रोकथाम पर जागरुकता अभियान,मलेरिया-डेंगू रोगियों के नियंत्रण और रोकथाम आदि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रही।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपने उपस्वास्थ्य केन्द्र,पीएचसी,सीएचसी,ज़िला मलेरिया कार्यालय सहित अपने सभी संस्थानों में ताले लटका दिए हैं। ज़िला प्रेस प्रवक्ता नूर मोहमद ने कहा कि सरकार द्वारा शीघ्र माँगे लागू करने के झूठे आश्वासन पर गत अप्रैल,2018 में राज्यस्तरीय मीजल-रूबेला टीकाकरण अभियान के बहिष्कार के निर्णय को स्थगित करना भी एसोसिएशन के लिये छलावा साबित हुआ।सरकार की नीति और नियति दोनों में खोट है।स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने पर जो तमाम असुविधाएं आमजन को सामना करना पड़ रहा है उसके लिये हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रशासन पूर्णतः ज़िम्मेवार है।
प्रमुख माँगों में शामिल :
1) बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी वर्ग को तकनीकी घोषित किया जाए।
2) बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के महिला और पुरुष कर्मियों को वेतनमान 9300-34800 ग्रेड पे 4200₹ सातवें वेतनमान आयोग में में लेवल 6 लागू करने की अधिसूचना जारी की जाए।
3) आरसीएच परियोजना में कार्यरत अनुबंधित महिला कर्मियो को 2 साल की सेवा उपरांत नियमित किया जाए,नियमित होने तक माननीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार समान काम समान वेतनमान लागू किया जाए।
4) एमपीएचडब्ल्यू पुरुष कर्मियों का वर्दी भत्ता,एफटीए बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की जाए।
5) आरसीएच परियोजना में कार्यरत एमपीएचडब्ल्यू महिला कर्मियो को एफटीए और वर्दी भत्ता दिया जाए।
प्रदर्शन को संबोधित करने वाले प्रमुख वक्ताओ में राज्य कार्यकारिणी से मन्दीप राठी,जितेंद्र मलिक,नूर मोहमद,सर्व कर्मचारी संघ के अनिल शर्मा,दीपक लोट,अशोक सैनी,हितेन्द्र सिहाग, चतुर्थ श्रेणी प्रधान राजेश जांगड़ा,चेयरमैन सोना देवी,बिजली विभाग राज्य कमेटी सदस्य नकुल सिंह,प्रेम सैनी,रमेश रंगा,प्रताप कुंडू,विनय सेतिया,अंग्रेज सिंह,अनीता देवी,सुरेन्द्र सोनी,विकास सन्द्लाना,उषा गिल,राज़बाला,शीला देवी,प्रेमवति,कांता देवी,अनिल चहल,महेंद्र यादव,रोहताश ज्याणी,सुरेन्द्र भाली,पूर्व ज़िला प्रधान रामबिलास श्योकन्द,संजय खटक,जगदीप मान,सुनील सीसाय,पुश्पेन्द्र,जसवंत,अमरजीत,पूर्व महासचिव राजकुमार,सुरेश कोहली,रत्तन शर्मा,परमजीत सोनी आदि उपस्थित थे।
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