सरसों की खरीद में घोटाला- सरसों में नमी को लेकर मशीनों में पाया बड़ा अंतर, सांसद चौटाला ने पकड़ा घोटाला

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Yuva Haryana
Hisar (25 March 2018)

सरसों की सरकारी खरीद के लिए नमी जांचने वाली मशीनों के गडबड़झाले को लेकर एक बार फिर से सांसद दुष्यंत चौटाला ने सरकार पर हमला बोला है। सांसद ने दो अलग- अलग मशीनों से खुद सरसों की नमी की जांच की तो दोनों में काफी अंतर मिला। मौके पर हैफेड के अधिकारियों को बुलाया तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए।

बता दें कि सांसद दुष्यंत चौटाला शनिवार दोपहर हिसार नई अनाज मंडी पहुंचे थे। किसानों ने सांसद को बताया कि सरसों खरीद से जुड़े अधिकारी यह कह कर उनकी सरसों नहीं खरीद रहे कि उनकी फसल में नमी ज्यादा है। यह सुनते ही सांसद ने मौके पर ही नमी जांचने वाली मशीन मंगवाई और वहां पड़ी एक ढेरी से सरसों लेकर उसकी नमी जांची। इस लैब टेस्टिड मशीन ने सरसों में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत बताई। इस के बाद सांसद ने मौके पर हैफेड के अधिकारियों को बुलवाया और कहा कि आप अपनी मशीन से इसी ढेरी की नमी जांच करो। सांसद के सामने ही अधिकारियों ने उसी सरसों की जांच की तो हैफेड की मशीन से नमी की मात्रा 12.4 निकली और अधिकारियों ने इस ढेरी को खरीदने के अयोग्य घोषित कर दिया।

सांसद ने जब अधिकारियों से पूछा कि एक मशीन में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत और दूसरी मशीन में 12.4 कैसे आ गई। अधिकारी गोलमाल जवाब देने लगे तो सांसद दुष्यंत ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं और अच्छी तरह जानता हूं कि गेहूं और जीरी की नमी जांचने वाली मशीन से आप अगर सरसों की नमी जांचोगे तो परिणाम यही आएगा क्योंकि सरसों में तेल 40 प्रतिशत तक होता है जबकि गेहूं और जीरी में नहीं। आपने इस मशीन से सरसों की नमी को जांचने के लिए उपयुक्त फार्मूला न अपना कर किसानों से धोखाधड़ी कर रहे हो। सांसद के इस सवाल पर अधिकारियों के पसीने छूटने लगे और मौसम में नमी का बहाना बनाने लगे।

दुष्यंत यही नहीं रूके और बोले आपकी बात को मान लेता हूं, पर यदि पिछले वर्ष की सरसों मैं मंगवाऊं तो क्या यह मशीन नमी के मापदंड सही बता देगी। दुष्यंत ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर सरकार जानबूझ कर किसानों के साथ नमी के नाम पर औछी हरकतों पर उतरी हुई है। उन्होंने कहा कि सरसों की सरकारी खरीद न हो और सरकार के चहेते सरसों की खरीद कर बड़ा स्टॉक कर मुनाफा कमाने के लिए खट्टर सरकार सारा ड्रामा कर रही है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से एक किसान सरसों की फसल बेचने के लिए अनाज मंडी में आया हुआ है और पारा 34 डिग्री तक पहुंच गया है जबकि सरसों में नमी अधिकारी आज भी 12 प्रतिशत से अधिक बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि खट्टर सरकार का नमी के नाम पर किसानों को लूट का खेल चल रहा है।

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