इनेलो में शामिल हो सकते हैं पूर्व विधायक नफे सिंह राठी, 12 जुलाई को करेंगे फैसला

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Pardeep Dhankar, Yuva Haryana
Bahadurgarh, 09 July, 2018

बहादुरगढ से पूर्व विधायक नफे सिंह राठी जल्द ही इनेलो का दामन थाम सकते हैं। इसको लेकर वो 12 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ बैठक के बाद किस पार्टी में जाना है इसको लेकर फैसला करेंगे।

हालांकि इससे पहले नफे सिंह राठी इनेलो के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं और अब उनके इनेलो में ही वापस दोबारा जाने की संभावनाएं है। नफे सिंह राठी ने पिछले विधानसभा चुनाव से पहले इनेलो छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।

हालांकि इस वक्त भाजपा ने उन्हे टिकट नहीं दिया, भाजपा ने बहादुरगढ़ से नरेश कौशिक को प्रत्याशी बनाया था जो जीतकर आए थे, वहीं नफे सिंह राठी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा था। भाजपा ने नफे सिंह राठी को पार्टी से निष्काषित कर दिया था।

नफे सिंह राठी पूर्व विधायक एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हैं और वो दो बार बहादुरगढ़ से विधायक रह चुके हैं। नफे सिंह राठी 1996 में समता पार्टी की तरफ से और 2000 में इनेलो की तरफ से विधायक चुने गए थे।

 

साल 2005 और 2009 में हार जाने के बाद इनेलो ने उन्हे साल 2014 में टिकट देने से इंकार कर दिया था जिसके बाद उन्होने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हुए, लेकिन बीजेपी से भी टिकट नहीं मिली तो वो निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में कूद पड़े।

 

नफे सिंह राठी ने साल 2009 में रोहतक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और दीपेंद्र हुड्डा से बड़े अंतर से हार गए थे। साल 2014 में उन्होने 15.19 फीसदी ही वोट लिये थे और चौथे स्थान पर रह गए थे। जबकि 2009 विधानसभा चुनाव में उन्हे इनेलो की टिकट पर 21.61 फीसदी वोट मिले थे।

 

बहादुरगढ़ विधानसभा में साल 2014 में राठी का टिकट काटने के बाद इनेलो ने तेजा पहलवान को टिकट दिया था, जो बिल्कुल ही कम वोट ले पाए थे। बीजेपी ने नरेश कौशिक को टिकट दिया था जो जीतकर आए। कांग्रेस के राजेंद्र सिंह जून थे जो दूसरे स्थान पर रहे थे, राजेश जून ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ा और वो तीसरे स्थान पर रहे। वहीं नफे सिंह राठी निर्दलीय प्रत्याशी थे जो चौथे स्थान पर रहे थे।

 

 

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