रसोई के कचरे का हो रहा इस्तेमाल, नगर निगम बना रहा खाद

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Yuva Haryana
Hisar, 29 Dec,2018

नगर निगम हिसार प्रशासन  द्वारा रसोई से निकलने वाले कचरे से खाद बनाने की प्रक्रिया शुरु की गई है। इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बेहतर कदम माना जा रहा है। इसके लिए हिसार में तोशाम रोड स्थित पशुबाड़े की जमीन पर 36 चैंबर बनाकर उनमें खाद बनाने का प्रोसेस शुरु किया गया है।

जींद के सेनिटेशन पार्क के अधिकारी राकेश कुमार इस प्रोजेक्ट को देखने आए, उन्होंने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा बनाए गए चैंबर और पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया, इसके साथ ही इसे और बेहतर बनाने के लिए टिप्स भी दिए।

जानिए कैसे बनती है कचरे से खाद…..

खाद बनाने के लिए पानी पीकर फेंका गया खाली कच्चा नारियल अब विशेष बन गया है। खाद के लिए बनाए वर्गाकार चैंबर में खाली कच्चे नारियल से बेस बनाने के बाद उस पर रसोई से निकले कचरे को डाला जाता है। चैंबर पूरी तरह से भरने के बाद ऊपर गुड़ और गोबर का पेस्ट डाल दिया जाता है। इससे फर्मिटेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। प्रत्येक सात दिन बाद चैंबर को खाली किया जाता है और उसको दोबारा भर दिया जाता है। 70 दिनों तक चलने वाली इस प्रक्रिया के तहत चैंपर में 1000 से 1200 किलोग्राम कचरा डाला जाता है, जो अंत में बचकर 300 किलोग्राम रह जाता है, और अंत में इसको छानने के बाद 100 से 200 किलोग्राम खाद प्रयोग के लिए प्राप्त होती है।

निगम के कर्मचारी नरेश कुमार ने बताया कि आजाद नगर से लेकर मॉडल टाउन,  डीसी एमसी कॉलोनी सहित कई वार्डों से रसोई का यह कचरा ई रिक्शा के द्वारा यहां लाया जाता हे। इसके बाद लाए गए से प्लास्टिक व अन्य पदार्थों को हटाया जाता है, इसके बाद बचे कचरे को चैंबर में डाला जाता है।

खाद बनाने वाले कर्मचारियों के पास दस्ताने और मास्क नहीं है। ऐसे में कचरे और चैंबर को खाली करने के दौरान कई प्रकार की गैंस और केमिकल निकलता है जिससे उनके बीमार होने की आशंका बनी रहती है। कर्मचारियों को दस्ताने और मास्क जल्द ही मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

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