स्कूलों में टीचर्स करते हैं घरेलू भाषा का उपयोग, NCERT के सर्वे में हुआ खुलासा

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें युवा सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 21 June, 2018

बच्चे ही देश का भविष्य है, यह शायद इसलिए ही कहा जाता है क्योंकि बच्चों से ही हमारे देश का विकास जुड़ा है।

अगर आज छात्र अच्छे से अपनी पढ़ाई- लिखाई और जीने के तरीके को सुधारेंगे, तभी वो देश का नाम रोशन करेंगे।

हर मां- बाप बस इसी इच्छा के साथ अपने बच्चे को स्कूल में पढ़ने के लिए भेजते हैं, कि उनका बच्चा अच्छे से अधिक पढ़ाई और जिन्दगी की बड़ी सीख के साथ उनका सिर गर्व से ऊंचा करेगा।

लेकिन हाल ही में NCERT के नेशनल सर्वे में एक बड़ा खुलासा किया गया है। जिसे जानकार सभी हैरान रह गए। इसमें बताया गया है कि प्रदेश में करीब 62 % टीचर्स स्कूल में घर जैसी भाषा का उपयोग करते हैं। जाहिर सी बात है कि छात्र भी वही सीखते हैं, जो वे सुनते हैं।

अभिभावक अपने बच्चों को सिर्फ इसी उम्मीद पर स्कूल भेजते हैं कि वह अच्छी बोली- भाषा और रहने के तरीके को भी अपना सकें। लेकिन यहां तो टीचर्स द्वारा घरेलू भाषा का इस्तेमाल, उनके भविष्य से भी खिलवाड़ करना है।

जब बच्चे घर के साथ स्कूलों में भी घरेलू भाषा बोलेंगे, तो वे कैसे कुछ नया सीख पाएंगे ?

कैसे वो बाहर रहने के तौर- तरीके और सही शब्दों का इस्तेमाल कर पाएंगे ?

यह बेहद ही चौंकाने वाली बात है कि प्रदेश के करीब 62 %  टीचर्स छात्रों के सामने घरेलू भाषा का उपयोग करते हैं।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *