हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य शपथ ग्रहण समारोह, सीएम खट्टर ने दी बधाई

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Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 25 August, 2018

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश कृष्ण मुरारी ने आज नव नियुक्त सत्यदेव नारायण आर्य को आज यहां राजभवन में आयोजित सादे व प्रभावशाली समारोह में हरियाणा के नए राज्यपाल के पद की शपथ दिलाई।

नवनियुक्त राज्यपाल ने शपथ ग्रहण समारोह में आए महानुभावों सेे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी बधाई स्वीकार की। उन्होंने उन लोगों के प्रति विशेष रूप से कृतज्ञता व्यक्त की जो बिहार के दूरदराज के इलाकों से शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए आए थे। समारोह में राज्यपाल के परिवार से उनके सुपुत्र ओमप्रकाश रंजन व कौशल किशोर, पुत्री सुनन्दा व कंचनमाला और उनके रिश्तेदार भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, श्रम व रोजगार मंत्री नायब सैनी, विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल, सांसद रतन लाल कटारिया, विधायक ज्ञानचन्द गुप्ता, हरियाणा के मुख्य सचिव डी. एस. ढेसी, पुलिस महानिदेशक बी. एस. संधू, पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, राज्यपाल के सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, हरियाणा के विश्वविद्यालयों के कुलपति, उर्दू अकादमी के निदेशक नरेन्द्र कुमार उपमन्यु, हरियाणा राज भवन और अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

चण्डीगढ़ पहुंचने पर सत्यदेव नारायण आर्य व उनकी पत्नी सरस्वती देवी का हरियाणा के मुख्यमंत्री, उनके मंत्रिमण्डल के सहयोगियों, हरियाणा राज भवन के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

नवनियुक्त राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य का जन्म 1 जुलाई, 1939 को गांधी टोला, राजगीर, जिला नालंदा (बिहार) में हुआ। वे पटना विश्वविद्यालय से एम0ए0 व एल0एल0बी0 पार्ट-1 हैं। वे बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री और खान व भूतत्व विभाग के मंत्री रहे। वे अत्यन्त लोकप्रिय नेता रहे हैं और उन्होंने राजगीर विधानसभा क्षेत्र से 8 बार चुनाव जीतकर इसे सिद्ध किया है। वे राजनीतिक, प्रशासनिक और संवैधानिक मामलों के प्रति अपने स्पष्ट और सीधे दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

प्रसिद्ध राजनेता सत्यदेव नारायण आर्य 1988-1998 में लगातार दो कार्यकाल में बिहार राज्य भाजपा के अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहे हैं। वे अखिल भारतीय अनुसूची जाति मोर्चा के कोषाध्यक्ष भी रहे। आर्य बचपन से ही आर्य समाज के सदस्य रहे हैं। 1962 में वे राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में शामिल हो गए और सक्रिय कार्यकर्ता बन गए। उन्हें आपातकाल के दौरान कड़ा संघर्ष किया और जेल भी जाना पड़ा।

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