हरियाणा में निजी प्ले स्कूलों को लेकर सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, बिना अनुमति के नहीं खोल पाएंगें स्कूल

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana

Chandigarh, 22 Nov, 2018

हरियाणा में अब आसान नहीं होगा निजी प्ले स्कूल खोल पाना। राज्य सरकार ने निजी प्ले स्कूलों पर शिकंजा कस दिया है। अब कोई भी निजी प्ले स्कूल बिना पंजीकरण और मान्यता के नहीं चल पाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइन को राज्य में लागू कर दिया है। आगे आने वाले समय में कोई भी निजी प्ले स्कूल बिना महिला एवं बाल विकास विभाग की मंजूरी के नहीं चल सकेगा।

विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को प्ले स्कूलों के पंजीकरण का अधिकार दिया गया है। विभाग इसमें नोडल एजेंसी की भूमिका निभाएगा। न केवल प्ले स्कूल चलाने के लिए पंजीकरण करवाकर मान्यता लेनी होगी, बल्कि जिला कार्यक्रम अधिकारी प्ले स्कूलों का मौके पर जाकर निरीक्षण भी करेंगे। सभी मानक पूरे होने पर ही मान्यता मिलेगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्ले स्कूलों में सुविधाओं की कमी होने पर उनका आवेदन भी रद्द कर सकते हैं। मान्यता को अब हर साल रिन्यू करवाना होगा।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की गाइडलाइन को अब महिला एवं बाल विकास विभाग भी लागू करने जा रहा है। जिससे पहले से चल रहे तीन हजार से अधिक प्ले स्कूल पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।  उनकी पंजीकरण और मान्यता को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग ने कोई निर्देश जारी नहीं किए हैं।  पहले से चल रहे स्कूलों में भी काफी असुविधाएं है। उनमें बच्चों के लिए सुविधों का अभाव है। वहीं महिला एंव बाल विकास विभाग ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में इन स्कूलों के लिए भी गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

वहीं महिला एंव बाल विकास की निदेशक हेमा शर्मा ने बताया कि अब राज्य में कोई भी प्ले स्कूल बिना किसी मान्यता के नहीं खुल सकता है। राज्य सरकार और केंन्द्र सरकार बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर है।

आरटीआई के माध्यम से स्वास्थ्य सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल परमार व महासचिव भारत भूषण बंसल महिला एंव बाल विकास आयोग से प्ले स्कूलों के पंजीकरण को लेकर जानकारी मांगी थी। जिसमें ये खुलासा हुआ था कि राज्य का कोई भी प्ले स्कूल मान्यता प्राप्त नहीं है।

इस पर संज्ञान लेते हुए महिला एंव बाल विकास मंत्री जैन ने केंद्र सरकार की 2013 की गाइडलाइन को राज्य में लागू करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद विभाग द्वारा ये कदम उठाए जा रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *