हरियाणा सरकार करेगी प्रदेश में बड़ी- बड़ी झील विकसित, भूमिगत जल स्तर को उठाएंगे ऊपर

Breaking चर्चा में बड़ी ख़बरें राजनीति शख्सियत सरकार-प्रशासन हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana

Gurugram, 13 July, 2019

हरियाणा में भूमिगत जल स्तर में सुधार लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़ी-बड़ी झील विकसित की जाएंगी, ताकि उनमें पानी को एकत्रित करके भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाया जा सके। इसी कड़ी में जिला गुरूग्राम में पड़ने वाले विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों जैसे कि कासन, कुकडौला में नई झीलों का विकास और दमदमा की मौजूदा विलुप्त होती झील का जीर्णोद्वार किया जाएगा। इस प्रकार की झीलों के विकास के लिए मैपिंग भी करवाई जाएगी।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उन्होंने आज ही हरियाणा के लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह और गुरूग्राम के उपायुक्त व नगर निगम के आयुक्त अमित खत्री के साथ गुरुग्राम जिला के कासन, कुकडौला व दमदमा का हवाई सर्वेक्षण किया है, ताकि इन क्षेत्रों में पड़ने वाले पहाड़ों की तलहटी में बड़ी- बड़ी झील विकसित की जा सकें और पानी का सरंक्षण हो सकें।

उन्होंने कहा कि जब बरसात होती है, तो पहाड़ से आने वाला पानी बस्तियों व गांवों में व्यर्थ में चला जाता है और उसका कोई बेहतर उपयोग नहीं हो पाता। लेकिन अब पहाड़ों की तलहटी पर झील होगी, तो पहाड़ से आने वाला वर्षा का पानी इन झीलों में जाएगा और भूमिगत जल स्तर ऊपर उठेगा।

एनसीआर में बढ़ती आबादी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुरूग्राम एनसीआर क्षेत्र में आता है और एनसीआर में लगातार जनसंख्या बढ़ रही है। इसी अनुरूप पानी की जरूरत भी बढ़ रही है और ऐसे में इन झीलों को पर्यटन के तौर पर भी विकसित किये जाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि लोग यहां पर पर्यटन की दृष्टि से भी घूमने आएं। उन्होंने इन झीलों में एकत्रित होने वाले पानी के संबंध में कहा कि इस प्रकार के पानी का व्यवस्थित उपयोग किया जाएगा।

वर्तमान राज्य सरकार द्वारा वाटर रिचार्ज पर किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेवाड़ी के मसानी बैराज में पानी को एकत्रित करने का काम किया गया और इस कार्य की वजह से आज वहां का भूमिगत जल स्तर 20 से 25 फुट ऊपर आ गया है। इसी प्रकार, राज्य सरकार ने महेन्द्रगढ़, भिवानी जैसे क्षेत्रोंं में, जहां पर पिछले 40 सालों में नहरी पानी टेलों तक नहीं पहुंचा था, पानी पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विभाग व एजेंसियां भूमिगत जल स्तर को ऊपर उठाने, जल का सदुपयोग करने, व्यर्थ होने वाले जल हेतू मिलकर कार्य कर रहे हैं।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान, देश व प्रदेश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी जल की बचत हो, के लिए अति आवश्यक है क्योंकि मनुष्य और पशुओं के पीने के लिए और दैनिक उपयोग के लिए जल आवश्यक है। उन्होंने इस अवसर पर राज्य के लोगों से आहवान किया कि वे अपने-अपने स्तर पर जल को बचाएं और जल-सरंक्षण करें। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से देश के लोगों से अपील करते हुए पानी की बचत पर अपनी चिंता व्यक्त की है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *