टीबी मरीजों को अब सीधे नहीं मिलेगी दवाई, विभाग ने लिया फैसला

Breaking Uncategorized चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana
Chandigarh, 19 Nov, 2018

हरियाणा में टीबी के मरीजों में जिस प्रकार से इजाफा हो रहा है, उसके चलते अब विभाग ने मरीजों को सीधे दवाई ना देने का फैसला लिया है। विभाग की तरफ से अब टीबी की रोकथाम के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है और अब जांच-पड़ताल के बाद ही दवाईयां वितरित की जाएगी।

विभाग ने बाकायदा इसके लिए प्रदेश में दवा विक्रेताओं को भी निर्देश जारी कर दिये गए हैं और सीधे तौर पर मरीज को टीबी की दवा ना देकर विभाग को इसका ब्यौरा देना होगा। बताया जा रहा है कि हरियाणा में टीबी के मरीजों की संख्या 45 हजार के पार कर गई है।

विभाग के मुताबिक स्लम एरिया और एनसीआर के पास लगते एरिया में टीबी के मरीजों में बढ़ोत्तरी हो रही है, ऐसे में विभाग ने एतिहात के तौर पर फैसला लिया है कि इन मरीजों का शुगर टेस्ट और एचआईवी टेस्ट करवाया जाए और बाद में ही इनको दवाइयां दी जाए।

हरियाणा में इस वक्त 45 हजार 109 के लगभग टीबी के मरीज हैं। इसमें सबसे ज्यादा मरीजों की संख्या एनसीआर एरिया में है। हरियाणा के स्टेट टीबी आफिसर ने कहा कि टीबी के लिए प्रदेश के जिलों में मरीजों के लिए खास इंतजाम किए गए है। इन मरीजों के लिए निशुल्क जांच की व्यवस्था है। साथ इन सब मरीजों का शुगर और एचआईवी टेस्ट करवाने का फैसला भी लिया है । उन्होंने बताया की कुल आने वाले पांच फीसदी मामलों में शुगर के मामले पाए जाते है । इनमें कुछ मामले एचआईवी के भी सामने आते है।

स्वास्थ्य विभाग की निदेशक बीना सिंह का कहना है कि टीबी के ज्यादा मामले स्लम एरिया में पाए जाते है। उन्होंने ये भी बताया कि इन मरीजों को हर महीनें पाच सौ रुपए दिए जाते है । जो कि सीधे उनके खाते में जा रहे है। जिससे आर्थिक तौर पर कमजोर मरीजों को काफी फायदा होता है। इसके लिए केमिस्टों को भी टीबी के मामलों पर खास नजर रखने के लिए कहा गया है। सीधे किसी भी मरीज को दवा की ब्रिकी नहीं की जा सकती है।

वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि प्रदेश के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवांए देने के लिए प्रयास चल रहे है। टीबी रोगियों के साथ साथ अन्य के रोगों के लिए भी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं दिए जाने के प्रयास चल रहे है।