खुशखबरी: यूनिवर्सिटी में पढ़ाने के लिए अब NET जरूरी नहीं, UGC ने जारी किए नए नियम

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 14 June, 2018

यूनिवर्सिटी और कॉलेज में टीचर बनने का कई लोगों का सपना अब पूरा होगा। UGC ने टीचर भर्तियों को लेकर नए नियम जारी कर दिए हैं।

जिसके तहत अब पीएचडी को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही पीएचडी और एमफिल कर रहे छात्रों को भी अब भत्ता मिलेगा। पढ़ाई के स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया है।

जानिए UGC द्वारा बनाए गए नए नियम –

  1. 2010 के रेग्यूलेशन के तहत मिलने वाले इंसेंटिव टीचरों को जारी रहेंगे। इसके साथ ही एमफिल और पीएचडी स्कॉलर्स को भी इंसेंटिव दिए जाएंगे।
  2. CAS यानि की (करियर एडवांसमेंट स्कीम) के तहत यूनिवर्सिटी के टीचर्रों के प्रमोशन के लिए रिसर्च को आधार बनाया जाएगा।
  3. टॉप 500 यूनिवर्सिटी से पीएचडी लोगों की बतौर असिस्टेंट प्रेफेसर नियुक्ति होगी।
  4. इन नए असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए करीब एक महीने तक इंडक्शन प्रोग्राम होगा।
  5. पीएचडी होने के बाद ही असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रमोशन होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर पद की सीधी भर्ती के लिए पीएचडी को अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 2021 से लागू किया जाएगा।
  6. अब पर्फारमेंस बेस्ड अप्रेजल सिस्टम पर आधारित API को पूरे तरीके से खत्म कर दिया गया है। जिसके बाद अब ग्रेडिंग सिस्टम लागू कर दिया गया है।
  7. यूनिवर्सिटियों में वर्तमान में स्वीकृत 10 फीसदी तक टीचरों को सीनियर प्रोफेसर भी बनाया जाएगा।
  8. इसके साथ ही ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वालों के लिए एक स्पेशल केटेगरी भी बनाई गई है। जिन्हें कॉलेज में असिस्टेंट डायरेक्ट, कॉलेज डॉरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर के लिए पूरे तरीके से योग्य माना जाएगा। ताकि यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में खेलों को बढ़ावा दिया जा सके।

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