हरियाणा के इस जिले में बनेगा विज्ञान केंद्र, क्या- क्या होगा खास, पढ़िए-

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Yuva Haryana

Chandigarh, 23 June, 2019

हरियाणा के अंबाला में एक विज्ञान केन्द्र बनाया जाएगा, जिसका शिलान्यास आज हरियाणा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल विज ने किया। यह विज्ञान केन्द्र 35 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इस अवसर पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और नेशनल काउंसिल ऑफ साईंस म्यूजियम सेंटर के बीच एमओयू भी साईन किया गया।

इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए हरियाणा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल विज ने कहा कि वही देश तरक्की करता है, जो विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ता है। विज्ञान की सीढ़ियां विकास और तरक्की के बूनियादि पैमानों को शिखर तक ले जाती है। हर क्षेत्र में सफलता की सौपान चढ़ने के लिए सांईस के हर पहलु को बारिकी से समझने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी में वार मैमोरियल के नजदीक 35 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाने वाला विज्ञान केन्द्र निस्संदेह युवा पीढ़ी को साईंस की ओर आकर्षित करेगा, वहीं दूर-दराज से लोग यहां आकर विज्ञान के नियमों को भी देख सकेंगे। वैसे भी अम्बाला साईंस उपकरणों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

विज ने बताया कि अम्बाला छावनी विधानसभा क्षेत्र में नित-नए प्रोजैक्टों को लाकर अम्बाला छावनी को सुंदर व विकसित बनाने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज विज्ञान केन्द्र का शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि 5 एकड़ में बनने वाला यह विज्ञान केन्द्र 3 वर्ष के भीतर बनकर तैयार होगा और इस पर 35 करोड़ रुपए की  लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इस विज्ञान केन्द्र में तारामंडल, इनोवेशन हब, एग्जिबिट डिवल्पमैंट लैब, थीप मैट्रिक गैलरी, साईंस पार्क की भी व्यवस्था होगी।

उन्होंने कहा कि यह हरियाणा का पहला ऐसा विज्ञान केन्द्र होगा, जिसमें विज्ञान की नई तकनीकें भी उपलब्ध होंगी, जिसका साईंस से जुड़े विशेषज्ञ लाभ उठा सकेंगे। इस विज्ञान केन्द्र में साईंस विषय पर आधारित प्रदर्शनी भी लगेंगी, जिससे बच्चे खेल-खेल विज्ञान के सिद्धांतो को सीख सकेंगे। अम्बाला छावनी में बनने वाला विज्ञान केन्द्र लोगों को निस्संदेह साईंस की ओर आकर्षित करने का काम करेगा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित होने के कारण लोग इसको आसानी से आकर देख सकेंगे।

विज ने कहा कि किसी भी देश की तरक्की के लिए साईंस का ज्ञान होना अति आवश्यक है, कोई देश इसलिए ताकतवर नहीं होता कि उसका क्षेत्रफल ज्यादा है, बल्कि इसलिए ताकतवर होता है कि वह साईंस के क्षेत्र में आगे है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने इजरायल व जापान देश का जिक्र करते हुए कहा कि इन दोनों देशों ने साईंस क्षेत्र में विश्व में अपनी अहम पहचान बनाई है। भारत भी साईंस के क्षेत्र में काफी तरक्की कर रहा है। केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा साईंस के क्षेत्र में लोगों की रूचि बढ़े, इस दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। गुरूग्राम में साईंस सिटी बनाए जाने की प्रस्तावित योजना है।

उन्होंने कहा कि अम्बाला छावनी में हर क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों से पर्यटन क्षेत्र में अम्बाला की अलग पहचान बनेगी और दूर-दराज से लोग आकर इन सुविधाओं का लाभ लेकर आनन्द उठा सकेंगे। उन्होंने इस मौके पर यह भी बताया कि यहां पर शहीदों की याद में 22 एकड़ भूमि पर शहीदी स्मारक बनाने का कार्य भी किया जा रहा है और यहां पर 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से जुड़ी तमाम गतिविधियों को प्रदर्शित करने का काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा साईंस से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृति देने का काम किया जा रहा है और साईंस विशेषज्ञों को हर साल विज्ञान रत्न अवार्ड भी प्रदान किया जाता है।

 

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