राष्ट्रपति द्वारा अवार्ड से सम्मानित वीरचंद ने की थी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या, अब मामले में हुआ बड़ा खुलासा

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Dalbir Rathi, Yuva Haryana

Gannaur, 12 Oct, 2018

गुरूवार को गन्नौर रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रपति द्वारा अवार्ड से सम्मानित वीरचंद जैन द्वारा ट्रेन के सामने कूद कर आत्म हत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। मृतक के परिजनों ने गन्नौर पुलिस के चार कर्मचारियों पर हत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।

मृतक के बेटे राकेश जैन की शिकायत पर राजकीय रेलवे पुलिस ने गन्नौर थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी सहित तीन अन्य के खिलाफ हत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच अधिकारी ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफतारी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि मृतक वीरचंद जैन ने मध्यप्रदेश में एक आदमी का कैंसर का इलाज किया था, जिसके चलते भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डा.शंकर दयाल शर्मा ने उनको वर्ष 1994 में सम्मानित किया था।

राजकीय रेलवे पुलिस गन्नौर के चौकी प्रभारी महाबीर तोमर ने बताया कि गन्नौर शास्त्री नगर निवासी 65 वर्षीय वीरचंद जैन अपनी पत्नी के साथ आत्म हत्या करने के लिए आया था। रेलवे स्टेशन पर दोनों आकर खड़े हो गए, जब एक माल गाड़ी आई तो वीरचंद अपनी पत्नी सहित ट्रेन के आगे कूद गया।

लेकिन किसी तरह उसकी पत्नी उससे हाथ छुड़ा कर दूर भाग गई। उन्होंने बताया कि उसके बेटे ने बताया कि उसकी बहन जनवरी 2017 से गायब है और उसकी तलाश के लिए मृतक वीरचंद जैन कई बार थाने में गया। लेकिन उस पर पुलिस कर्मी दबाव बनाते रहें। जिनके कारण उनके पिता ने आत्म हत्या करने का बड़ा कदम उठाया है।

 

 

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