आज हरियाणा कैबिनेट मीटिंग में हुए अहम फैसले, पढ़िए विस्तार से-

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Yuva Haryana

Chandigarh, 16 July, 2019

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु हरियाणा खेल विश्वविद्यालय बिल बनाने के खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

हरियाणा खेल विश्वविद्यालय प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाला पहला सम्पूर्ण खेल विश्वविद्यालय होगा। इस समय खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबन्धन, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में खेल परिवेश में रिक्तता विद्यमान है। इसलिए हरियाणा खेल विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो खेल विज्ञान, खेल प्रौद्योगिकी, खेल प्रबन्धन और अनुसंधान तथा खेलों से सम्बंधित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के क्षेत्र में खेल शिक्षा के प्रोत्साहन पर अपना समग्र ध्यान केन्द्रित करके इस रिक्तता को भरने का काम करेगा।

खेल विज्ञान, खेल चिकित्सा और खेल प्रौद्योगिकी में नवीनतम शोधों पर आधारित अनुप्रयोज्यता (एप्लीकेबिलिटी) पर बल देकर बहुसंकाय अध्ययन इस विश्वविद्यालय का केन्द्र बिन्दु होगा। विश्वविद्यालय को दूरस्थ परिसर स्थापित करने के लिए भी सशक्त बनाया गया है। शैक्षणिक कार्यक्रमों तथा अनुसंधान के अतिरिक्त, यह विश्वविद्यालय और इसके दूरस्थ परिसर उत्कृष्ट एथलीट्स, खेल अधिकारियों व कर्मचारियों, रैफरियों और अम्पायरों को प्रशिक्षण भी देंगे और खेल के विभिन्न संकायों में उत्कृष्टता केन्द्र विकसित करेंगे।

हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 2 अगस्त, 2019 को बुलाया जाएगा। 

यह निर्णय आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।
मंत्रिमण्डल ने विधायी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व बजट से सम्बंधित अनुपूरक मांगों के लिए मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को अधिकृत किया गया है।
यह जानकारी कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने मंत्रिमण्डल की बैठक के बाद पत्रकारों को दी।

बैठक में हरियाणा पालिका अधिनियम, 1973 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई। 
संशोधन के अनुसार, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में अध्यक्ष का चुनाव अब नगर निगमों के मेयर के चुनाव की तर्ज पर राज्य निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षण और नियंत्रण में पात्र मतदाताओं द्वारा सीधा करवाया जाएगा। अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि हाउस ऑफ द पीपल व किसी राज्य की विधानसभा के सदस्यों को नगर निगम की तरह इस चुनाव और उपाध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव में मतदान का अधिकार नहीं होगा।

इसी प्रकार यह भी सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है कि मौजूदा प्रावधानों के अतिरिक्त या पालिका अधिनियम की धारा 25 में वर्णित किसी भी बैठक के बजाय 6 महीने में एक बार कम से कम तीन दिन का सत्र बुलाया जाए। मंत्रिमंडल द्वारा इस उद्देश्य के लिए हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 52 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में बागवानी में अनुसंधान एवं विकास के लिए हरियाणा कृषि उद्योग निगम के कृषि अनुसंधान एवं विकास केंद्र, मुरथल की 10 एकड़ 2 कनाल और 2 मरला भूमि का कलेक्टर रेट पर तथा 2.90 करोड़ रुपये की बुक वैल्यू पर मौजूदा परिसंपत्तियों का तबादला महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल को करने के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियम, 2008 में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई ताकि इन नियमों में संघ लोक सेवा आयोग के नियमों के अनुरूप अधिक समानता और एकरूपता लाई जा सके। इन नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) (द्वितीय संशोधन) नियम, 2019 कहा जाएगा।

अब संशोधन के उपरांत, एचसीएस (कार्यकारी शाखा) और संबद्ध सेवाओं के पद के लिए मुख्य लिखित परीक्षा में 4 पेपर (तीन अनिवार्य और एक वैकल्पिक) होंगे। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अनिवार्य और वैकल्पिक पेपरों के लिए पहले से अधिसूचित 23 वैकल्पिक विषयों और पाठ्यक्रम की सूची अपरिवर्तित रहेगी। वर्तमान में, एचसीएस और संबद्ध सेवाओं की मुख्य लिखित परीक्षा में 5 पेपर नामत: अंग्रेजी, हिंदी एवं सामान्य अध्ययन के लिए एक-एक पेपर और 23 वैकल्पिक विषयों की सूची में से चुने जाने वाले दो वैकल्पिक विषयों के लिए एक-एक पेपर शामिल हैं।

इस संशोधन के उपरांत चार पेपर वाली मुख्य लिखित परीक्षा कुल 600 अंकों की होगी। अंग्रेजी का पेपर-ढ्ढ (अंग्रेजी निबंध सहित) और हिंदी का पेपर-ढ्ढढ्ढ (हिंदी निबंध सहित) (देवनागरी लिपि में) 100-100 अंकों का होगा जबकि सामान्य अध्ययन के पेपर-3 और 23 वैकल्पिक विषयों  की सूची से चुने जाने वाले एक विषय के पेपर-ढ्ढङ्क के लिए 200-200 अंक होंगे।
परीक्षा के प्रश्न पत्र पारंपरिक (निबंध) प्रकार के होंगे और प्रत्येक पेपर तीन घंटे की अवधि का होगा। उम्मीदवारों के पास भाषा या साहित्य के पेपर को छोडक़र, अन्य सभी प्रश्न पत्रों का उत्तर अंग्रेजी या हिंदी में देने का विकल्प होगा।

सीएम मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में नवगठित नगर निगमों में उनके गठन की तिथि से पांच वर्ष के भीतर चुनाव करवाने के लिए एक अध्यादेश के माध्यम से हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 4 (4) के प्रावधान में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में हरियाणा विधि एवं विधायी विभाग (ग्र्रुप क) सेवा नियम, 2019 के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान की गई।
नियमों के अनुसार आयोग में आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि को 21 वर्ष से कम या 42 वर्ष से अधिक आयु प्राप्त किसी भी व्यक्ति को सीधी भर्ती द्वारा सेवा में किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा।

उप विधि परामर्शी और उप-सचिव के पद को सहायक विधि परामर्शी में से पदोन्नति द्वारा अथवा किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

इसी प्रकार, विधायी अधिकारी (हिंदी) और उप सचिव के पद को उप विधायी अधिकारी (हिंदी) में से पदोन्नति द्वारा अथवा किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।
अवर सचिव (सामान्य) के पद को अधीक्षक (सामान्य)/ निजी सचिव में से  पदोन्नति द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।
उप-विधायी अधिकारी (हिंदी) के पद को कोडिफिकेशन एवं पब्लिकेशन अधिकारी (हिंदी) या सहायक विधायी अधिकारी (हिंदी) में से पदोन्नति द्वारा या सीधी भर्ती द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

सहायक विधि परामर्शी के पद को कोडिफिकेशन एवं पब्लिकेशन अधिकारी (अंग्रेजी) या अधीक्षक (विधि) में से पदोन्नति द्वारा या सीधी भर्ती द्वारा या किसी राज्य सरकार या भारत सरकार की सेवा में पहले से ही कार्यरत किसी अधिकारी के स्थानांतरण या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

हरियाणा सरकार ने हरियाणा मृत सरकारी कर्मचारी के आश्रितों को अनुकंपा सहायता (संशोधन) नियम, 2014 में ढील देकर ईएसआई धर्मबीर के पुत्र विकास को कांस्टेबल के पद पर नौकरी देने का निर्णय लिया है।
इस आशय का एक निर्णय हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

ईएसआई धर्मबीर को ड्यूटी के दौरान सिर में गोली लग गई थी और वह अब तक बेहोश और गंभीर स्थिति में है। उसके उपचार पर पहले ही लगभग 20 लाख रुपये की बड़ी राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर है और उसके बचने की उम्मीद बहुत कम है। हालांकि, उसके इलाज के लिए हरियाणा पुलिस कल्याण कोष से 5 लाख रुपये की राशि और मेडिकल प्रतिपूर्ति के तहत अन्य राशि मंजूर की गई है लेकिन परिवार की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं है कि वह ईएसआई धर्मबीर के इलाज का खर्च वहन कर सके।

8 सितंबर, 2017 को उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, महेन्द्रगढ़ (नारनौल) की अदालत के समक्ष अभियुक्तों को पेश करने के लिए ईएसआई धर्मबीर और सात अन्य पुलिस कर्मचारियों से युक्त एक पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी को तैनात किया गया था। आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की और पुलिस एस्कॉर्ट पार्टी के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद भागने में सफल रहे। इस बीच, पांच अपराधी हथियारों के साथ आए और पुलिस पार्टी पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं और आरोपी को पुलिस की गिरफ्त से निकाल कर ले गए। इस हमले में, ईएसआई धर्मबीर और दो अन्य पुलिस कर्मचारी गोली लगने से घायल हो गए। ईएसआई के सिर में गोली लगी थी और वह अभी भी बेहोश और गंभीर हालत में है।

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