सुरजेवाला को सरकार का जवाब, 2009 से इस्तेमाल हो रहा है ‘अछूत’ शब्द, दाखिले के लिए नहीं पूछा जा रहा कुछ भी नया, आधार पर जरूरी नहीं

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Yuva Haryana
Chandigarh, 11 April 2018

छात्रों का वजीफा उनके खाते में सीधा भेजने के लिए मांगे हैं अकाउंट नंबर

हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में दाखिले के लिए फॉर्म में छात्रों से कुछ भी नया या आपत्तिजनक नहीं पूछा गया है। प्रेस नोट जारी कर राज्य सरकार ने कहा है कि छात्रों से उन बैंक अकाउंट की जानकारी इसलिए मांगी गई है ताकि सरकार की तरफ से दी जाने वाली कोई भी वित्तीय सहायता उनके अकाउंट में सीधे पहुंच सके।

दाखिला फॉर्म में 2009 से इस्तेमाल हो रहा है ‘Untouchable’ शब्द

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला द्वारा टवीट के आधार पर एक समाचार आइटम पर स्पष्टिकरण देते हुए कहा गया है कि वर्तमान हरियाणा सरकार के प्रवेश फार्म में कोई भी नया शब्द गढ़ा नहीं गया है। फार्म में माता-पिता के पेशे के साथ एक विशेष विशेषण के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि यह विशेषण है और यह भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति की एक योजना का हिस्सा रहा है, यह पहले 21 जनवरी 2009 को संशोधित किया गया और अंत में 1.7.2011 को संशोधित हुआ।

यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रवेश पाने वाले छात्र की आधार संख्या अनिवार्य नहीं है।

सरकार ने कहा है कि एक जनवरी, 1997 तक हाथ से मैला ढोने के कार्य में लगे माता-पिता या ‘‘वर्तमान में टेनिंग (चमड़ा बनाना) और / या फ्लेईंग (चमड़ा उतारना)में लगे हैं’’ माता-पिता के बच्चों के लिए वार्षिक अनुदान और मासिक छात्रवृत्ति के लाभ उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, अस्वच्छता के कार्य में लगे व्यक्तियों के बच्चों को प्री-मैट्रिक छात्रवृति की केन्द्रीय प्रायोजित योजना के तहत शासित किया गया है।
सरकारी प्रेसनोट में कहा गया है कि हरियाणा सरकार द्वारा अंतोदय की भावना से अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं, परंतु जो इस पर आपत्ति व्यक्त कर रहे हैं, यह उनकी छोटी मानसिकता को दर्शाता है।

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