हजारों कैदियों को रिहा करेगी केंद्र सरकार, लेकिन ओमप्रकाश चौटाला को नहीं-मोदी कैबिनेट का फैसला

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Yuva Haryana, New Delhi

केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि देश की अलग अलग जेलों में बंद 55 साल या उससे अधिक की महिला कैदियों और 60 साल से अधिक की उम्र के पुरूष कैदियों को अगले सवा साल में बड़ी राहत राहत देकर रिहा किया जाएगा। हालांकि सरकार ने इस घोषणा में एक ऐसी शर्त लगा दी है जिसकी वजह से इसका फायदा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला या उनके बेटे अजय सिंह चौटाला को नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर जेलों से कैदियों को विशेष माफी देने के प्रस्‍ताव को बुधवार को मंजूरी दी है।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि ऐसे कैदियों को विशेष माफी नहीं दी जाएगी जो मृत्‍युदंड की सजा काट रहे हैं या जिनकी मृत्‍युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया है। इनके अलावा दहेज हत्या, बलात्‍कार, मानव तस्‍करी और पोटा, यूएपीए, टाडा, एफआईसीएन, पॉक्सो एक्‍ट, धन शोधन, फेमा, एनडीपीएस, भ्रष्‍टाचार रोकथाम अधिनियम आदि के तहत दोषियों को रिहा नहीं किया जाएगा।

योजना से महरूम रखी गई श्रेणियों में भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम को शामिल किए जाने की वजह से ओमप्रकाश चौटाला को इसका फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि उन्हें सजा इसी अधिनियम के तहत हुई है। फिलहाल की स्थिति के अनुसार ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला समेत शिक्षक भर्ती घोटाले के सभी दोषियों को पूरी सजा काटनी पड़ेगी। इनके अलावा लालु प्रसाद यादव, शशिकला जैसी राजनीतिक लोगों को भी इस घोषणा का फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि वे भी भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं।

तीन चरणों में की जाएगी रिहाई

कैदियों को विशेष माफी देकर उन्हें तीन चरणों में रिहा किया जाने की योजना है। पहले चरण में कैदियों को 2 अक्‍टूबर, 2018 (महात्‍मा गांधी की जयंती) को रिहा किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में कैदियों को 10 अप्रैल, 2019 (चम्‍पारण सत्‍याग्रह की वर्षगांठ) को रिहा किया जाएगा। इसके बाद कैदियों को 2 अक्‍टूबर, 2019 (महात्‍मा गांधी की जयंती) को रिहा किया जाएगा.

महिला और किन्नर कैदियों की भी फायदा

सरकार ने 55 साल या इससे अधिक की महिला कैदी और इतनी ही उम्र या इससे अधिक के किन्नर कैदियों को भी रिहा करने का फैसला लिया है। इनके अलावा ऐसे पुरुष कैदी जिनकी आयु 60 साल या इससे अधिक हो और जिसने अपनी 50 फीसदी वास्‍तविक सजा अवधि पूरी कर ली हो, उन्हें रिहा किया जाएगा.

साथ ही ऐसे दिव्‍यांग और शारीरिक रूप से 70 प्रतिशत या इससे अधिक अक्षमता वाले कैदी जिन्होंने अपनी 50 फीसदी वास्‍तविक सजा अवधि पूरी कर ली है और ऐसे दोष सिद्ध कैदी जिन्होंने अपनी दो तिहाई (66%) वास्‍तविक सजा अवधि पूरी कर ली है, उन्हें भी रिहा किया जाएगा.

गृह मंत्रालय पात्र कैदियों के मामलों पर विचार करने के लिए सभी राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश जारी करेगा। राज्‍य सरकार और केंद्रशासित प्रदेश इन मामलों की जांच के लिए एक समिति गठिन करेंगे। राज्‍य सरकार इस समिति की सिफारिशों को राज्‍यपाल के पास विचार और संविधान की धारा 161 के तहत मंजूरी के लिए भेजेगी। मंजूरी मिलने के बाद कैदियों को रिहा किया जाएगा।

 

इस बारे में केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) ने आधिकारिक प्रेसनोट भी जारी कर दिया है।

 

 

 

 

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