अप्रेंटिस को लेकर सरकार का मजाक उड़वा रहे अफसर, हजारों प्रशिक्षुओं को नहीं मिला छह माह से वेतन

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Yuva Haryana
Chandigarh, 19 August, 2018

हरियाणा सरकार की तरफ से युवाओं को रोजगार के लिए बड़े बड़े दावे किये जा रहे हैं। औधोगिक प्रशिक्षण विभाग के मंत्री विपुल गोयल प्रदेश में आईटीआई पास छात्रों के बेहतर भविष्य का दावा करते हैं, लेकिन अप्रेंटिस को लेकर क्या हालात है, अगर वो देख लेंगे तो शायद उनकी भी आंख खुल जाएगी।

प्रदेश सरकार की तरफ से युवाओं को लेकर जिस प्रकार से मजाक किया जा रहा है, अब प्रदेश के हजारों अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं को वेतन के लाले पड़ गए हैं। प्रदेश के हजारों अप्रेंटिस छात्रों का वेतन अटक गया है। विभागों की तरफ से जहां कोई रिस्पांस इन छात्रों को नहीं मिल रहा है तो वहीं वेतन के लिए इन छात्रों को लाले पड़ गए है।  बताया जा रहा है कि इन अप्रेटिंस छात्रों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है वहीं शिक्षा विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी आपसी टालमटोल में लगे हुए हैं। वहीं पिछले दस माह से आरआई( रिलेटिड इंस्ट्रक्शन ) की ट्रेनिंग नहीं करवाई जा रही है। स्थिति यह है कि अब ये अंप्रटिंस वाले प्रशिक्षु बेहद परेशान है।

यह स्थिति उस वक्त है जब प्रदेश के करीब 17 हजार अप्रेटिंस परर सरकार 143 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। एक राष्ट्रीय समाचार पत्र के मुताबिक अब हर जिले से इन अप्रेंटिस ने सीएम विंडो पर शिकायतें करनी शुरु कर दी है। वहीं इसको लेकर अभी तक सीएम विंडो से भी समाधान नहीं हो पाया है।

बताया जा रहा है कि वेतन को लेकर अलग-अलग विभागों के अफसर खुद चकरा चुके हैं।  अंबाला जिले में करीब दस माह से अप्रेटिंस एक्ट के तहत आईटीआई पासआउट छात्रों को विभिन्न विभागों में नियुक्तियां देनी शुरु की थी। एक्ट के अनुसार एक साल की आईटीआई वालों को 70 और दो साल वालों को न्यूनतम वेतनमान का 80 फीसद वेतन दिया जाना चाहिए। मौजूदा वक्त में न्यनूतम वेतन 9250 रुपये है। ऐसे में इनको 6475 से 7400 रुपये तक वेतन मिलना चाहिए, लेकिन विभाग के अफसर इस एक्ट को पढ़ने से ही कतरा रहे हैं। आलम यह है कि अब ये बच्चे बिना पैसे के दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं।

क्या है नेशनल अप्रेटिशिप एक्ट ?

नेशनल अप्रेंटिशिप एक्ट 1961 के अनुसार आईटीआई से पास आउट विद्यार्थियों को एक साल की अप्रेंटिस जरुरी है। अप्रेटिंस के बाद सरकार उन्हे अप्रेंटिशिप का सर्टिफिकेट जारी करती है। अप्रेंटिस सर्टिफिकेट पाने के लिए परीक्षा देने हेतु एक साल की अप्रेंटिस में 40 दिन की ट्रेनिंग देनी होती है। जो कि किसी को नहीं दी गई है। इसके बाद करीब 650 अंकों की आनलाइन परीक्षा उतीर्ण करनी अनिवार्य है।

विपुल गोयल के मुताबिक सभी पात्र निजी प्रतिष्ठानों को ट्रेड अप्रेंटिसिज लगाने के लिए अप्रेंटिस अधिनियम-1961 के तहत पंजीकृत करवाना होगा। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 21,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने और हरियाणा कौशल विकास मिशन के तहत 2,78,089 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत मौजूदा आईटीआईज को मॉडल आईटीआईज में अपग्रेड करने के लिए भारत सरकार द्वारा जारी 3.50 करोड़ रुपये के फण्ड का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही राजकीय आईटीआई गुरुग्राम के लिए 1.50 करोड़ रुपये के राज्य के हिस्से का भी उपयोग किया जाएगा। 

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