लोकसभा चुनाव के लिए हरियाणा में शुरू हुई नामांकन की प्रक्रिया, उम्मीदवारों के लिए होंगी ये शर्तें

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Shweta Kushwaha, Yuva Haryana

Chandigarh, 16 April, 2019

लोकसभा चुनाव के लिए हरियाणा में हर पार्टी चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। हर कोई सत्ता में आने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 17वीं लोकसभा आम चुनाव के लिए अधिसूचित कार्यक्रम के अनुसार हरियाणा में 10 लोकसभा सीटों के लिए मतदान 12 मई, 2019 को होगा।

आज से प्रदेश में नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 23 अप्रैल तक चलने वाली नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी पर्चा भर सकेंगे।

इसके साथ ही सभी प्रत्यशियों को पर्चा दाखिल करने के लिए कुछ शर्तों का पालन करना पड़ेगा।

हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. इन्द्र जीत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उम्मीदवार सार्वजनिक सूचना के दिन या नामांकन दाखिल करने के लिए निर्धारित किसी भी दिन, सार्वजनिक अवकाश को छोड़कर, अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत कर सकता है। उन्होंने बताया कि 17 अप्रैल 2019 को सार्वजनिक अवकाश के कारण व 21 अप्रैल 2019 को रविवार का दिने होने के कारण नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किये जाएंगे।

उन्होंने बताया कि रिप्रेजेन्टेशन ऑफ पीपल एक्ट, 1951 की धारा 33 के तहत, अगर किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय पार्टी या राज्य में मान्यता प्राप्त राज्य पार्टी द्वारा जिसमें इसे राज्य पार्टी के रूप में मान्यता दी जाती है, के द्वारा उम्मीदवार निर्धारित किया गया है, तो आम चुनाव में उम्मीदवार का नामांकन प्रस्तावक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र के एक निर्वाचनकर्ता द्वारा प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है।

अगर उम्मीदवार पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल द्वारा स्थापित किया गया हो, या वह निर्दलीय उम्मीदवार हैं, तो उम्मीदवार का नामांकन प्रस्तावक के रूप में निर्वाचन क्षेत्र के दस निर्वाचनकर्ता द्वारा प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि अगर एक राज्य की मान्यता प्राप्त राज्य पार्टी किसी दूसरे राज्य में चुनाव लड़ती है, जिसमें वह मान्यता प्राप्त नहीं है, तो उस पार्टी द्वारा उस राज्य में स्थापित उम्मीदवारों के नामांकन को भी निर्वाचन क्षेत्र के 10 निर्वाचनकर्ता द्वारा प्रस्तावक के रूप में प्रस्तावित किया जाना आवश्यक है। भले ही पार्टी को अपने आरक्षित प्रतीक का उपयोग करने के लिए प्रतीक आदेश के पैरा 10 के तहत रियायत दी गई हो।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नामांकन पत्र या तो रिटर्निंग

ऑफिसर के समक्ष या सार्वजनिक नोटिस में निर्दिष्ट सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष, अधिसूचित दिनों में से किसी भी दिन और स्थान पर या नोटिस में निर्दिष्ट किसी भी अन्य स्थान पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रस्तुत किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि नामांकन स्वयं उम्मीदवार द्वारा या एक प्रस्तावक द्वारा भी दाखिल किया जा सकता है। अगर उस दिन आयोग का पर्यवेक्षक मौजूद रहता है, तो वह रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में मौजूद होगा। नामांकन पत्रों की सुपुर्दगी और स्वीकृति की पूरी कार्यवाही की वीडियोग्राफी की जाएगी।

डा. इन्द्र जीत ने बताया कि नामांकन दाखिल करने के समय कुछ उम्मीदवारों के साथ बड़ी संख्या में वाहन और लोग आते हैं, जिसके परिणामस्वरूप रिटर्निंग अधिकारियों के कार्यालयों में सामान्य कानून और व्यवस्था के बारे में गंभीर चिंता का विषय बन जाता है, इसे ध्यान में रखते हुए, उम्मीदवार या उसके साथ आने वाले काफिले को रिटर्निंग ऑफिसर या सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय की 100 मीटर की परिधि में 3 वाहनों के आने की अनुमति दी गई है।

इसके अलावा, नामांकन दाखिल करने के समय रिटर्निंग ऑफिसर या सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में प्रवेश करने की अनुमति देने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या को उम्मीदवार सहित पांच तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक ही उम्मीदवार 4 से ज्यादा नामांकन पत्र दाखिल नहीं कर सकता।

डा. इन्द्र जीत ने बताया कि किसी भी उम्मीदवार को एक आम चुनाव में दो से अधिक संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों से सदन में नामित नहीं किया जा सकता है। यदि कोई उम्मीदवार इस प्रावधान का उल्लंघन करता है और एक ही वर्ग के दो से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करता है, तो तीसरे और चौथे भाग में और उसके बाद आने वाले सभी निर्वाचन क्षेत्रों में उसके नामांकन पत्र दाखिल करने की तिथि और समय को देखते हुए रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा अस्वीकार किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ आवश्यकताओं और विशिष्टताओं के अनुरूप अपनी तस्वीर जमा करनी होगी। फोटोग्राफ के पीछे की तरफ उम्मीदवार/चुनाव एजेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को अधिसूचना की तारीख से 3 महीने पहले की अवधि के दौरान ली गई अपनी ताजा तस्वीर जमा करनी होगी। तस्वीर सफेद/ऑफ व्हाइट पृष्ठभूमि में स्टैम्प आकार 2 सेमी  2.5 सेमी की होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि तस्वीर रंगीन या काली और सफेद हो सकती है। फोटो सामान्य कपड़ों में होनी चाहिए और वर्दी में तस्वीर की अनुमति नहीं है। इसके अलावा कैप / हैट और डार्क ग्लास से भी बचना चाहिए।

उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र के साथ, प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा संपत्ति, देनदारियों, आपराधिक मामलों और शैक्षिक योग्यता के बारे में जानकारी देते हुए फार्म 26 में एक हलफनामा दाखिल करना आवश्यक है। शपथ पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर संबंधित घटक द्वारा हस्ताक्षर होने चाहिए या शपथ पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर स्टैम्प या नोटरी/शपथ आयुक्त/मजिस्ट्रेट होना चाहिए, जिनके समक्ष शपथ पत्र दिया गया है। विधिवत शपथ पत्र ऐसे मूल्यवर्ग के स्टांप पेपर पर होना चाहिए जैसा कि संबंधित राज्य के राज्य कानून के तहत निर्धारित हैं।

डॉ. इन्द्र जीत ने बताया कि यदि किसी उम्मीदवार के खिलाफ न्यायालय में मामला लंबित है तो उसकी जानकारी नामांकन पत्र में देनी अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार को अलग से एफिडेविट देना होगा। जिसे नोटिस बोर्ड पर चसपा करने के साथ-साथ आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

उन्होंने बताया कि सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार को नामांकन के समय 25 हजार रुपये तथा अनुसूचित जाति /जनजाति के उम्मीदवार को 12,500 रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करवानी होगी। उम्मीदवार को चुनावी खर्च के लिए नामांकन से एक दिन पहले स्वयं के नाम से या चुनावी एजेंट के साथ संयुक्त रूप से अलग बैंक खाता खुलवाना होगा। उम्मीदवार के लिए चुनावी खर्च की सीमा 70 लाख रुपये तय की गई है। लेकिन उम्मीदवार द्वारा 10 हजार रुपये तक का खर्च नकद किया जा सकता है और इससे अधिक की राशि का भुगतान आरटीजीएस/एनईएफटी/डीडी/चैक इत्यादि के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है। आयोग द्वारा प्रत्येक चुनावी एजेंट को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किये जाएंगे।

 

 

 

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