Home Breaking हरियाणा में तिरुपति बालाजी मंदिर कपाट दर्शनों के लिए खुले, आंध्रप्रदेश जाने की नहीं जरुरत

हरियाणा में तिरुपति बालाजी मंदिर कपाट दर्शनों के लिए खुले, आंध्रप्रदेश जाने की नहीं जरुरत

0
0Shares

Sahab Ram, Yuva Haryana
Chandigarh, 01 July, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि उत्तर भारत के लोगों के लिए कुरुक्षेत्र में ही भगवान वेंकेटेश्वर स्वामी जी श्री तिरुपति बालाजी मंदिर के कपाट दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं। इस मंदिर के खुलने से उत्तर भारत के लोगों को अब आंध्रप्रदेश में जाने की जरूरत नहीं होगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज देर सायं कुरुक्षेत्र के ब्रहमसरोवर के निकट श्री तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रांगण में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की तरफ से 5.52 एकड़ जमीन ट्रस्ट को मंदिर बनाने के लिए दी गई है। इस मंदिर में भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी के साथ-साथ देवी महालक्ष्मी, देवी भूदेवी दो मंदिर भी बनाए गए है। इस मंदिर के प्रोजैक्ट पर 34 करोड़ रुपए खर्च किया जाएगा, जिसमें से अब तक 18 करोड़ रुपए खर्च किया जा चुका है।

इस मंदिर निर्माण पर तमिलनायडू से 1500 टन विशेष पत्थर लगाया गया है। उन्होंने संस्थानम के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा पर तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापना करके कुरुक्षेत्र के साथ-साथ हरियाणा में पर्यटकों के लिए एक अनोखी सौगात देने का काम किया है। इस मंदिर के बनने से पर्यटकों और श्रृद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा, इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय सांंस्कृतिक केन्द्र बनने के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन और धार्मिक क्षेत्र के रुप में भी अपनी एक नई पहचान बनाएगा।

मनोहर लाल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आंध्रप्रदेश की तर्ज पर तिरुमला तिरुपति देवास्थानम (टीटीडी) ट्रस्ट की तरफ से भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण से कुरुक्षेत्र की अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन और धार्मिक केन्द्र के रुप में एक नई पहचान बनी है। इस मंदिर के बनने से अब उत्तर भारत के लोग कुरुक्षेत्र में भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी के दर्शन कर पाएंगे। इससे कुरुक्षेत्र में पर्यटकों और श्रृद्धालुओं की संख्या में भी इजाफा होगा।

इस दौरान आंध्रप्रदेश से आए विद्ववानों के साथ-साथ विधि विधान पद्धति को देखने वाले विद्ववान श्रीनिवासा ने दक्षिण भारत की परम्परा के अनुसार पूजा करवाकर भगवान श्री वेंकेटेश्वर का चरणामृत और प्रसाद दिया।

विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि इस मंदिर का संचालन स्थानीय प्रशासन व टीटीडी के सहयोग से किया जाएगा। इस मंदिर में मूर्ति स्थापना के बाद विधिवत रुप से उद्घाटन किया गया है। प्रधान सचिव, वित्त एवं आयोजना, टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने कहा कि इस मंदिर का संचालन करने के लिए एक लोकल कमेटी का गठन किया जाएगा। इस मंदिर को सुबह 6.00 बजे से लेकर रात्रि 9.00 बजे तक श्रृद्धालुओं के लिए खुला रखा जाएगा तथा तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

आंध्रप्रदेश के आईएएस अधिकारी प्रवीण प्रकाश का कहना है कि अब उतर भारत के लोगों को भगवान श्री वेंकेटेश्वर स्वामी की पूजा करने के लिए आंध्रप्रदेश जाने की जरुरत नहीं होगी। कुरुक्षेत्र की पावन धरा के साथ-साथ देश के प्रमुख शहरों में भी भगवान श्री तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापना की जाएगी।

Load More Related Articles
Load More By Yuva Haryana
Load More In Breaking

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also

हरियाणा में 15 जुलाई के बाद सड़कों पर उतर सकती है बसें, पड़ोसी राज्यों के साथ भी तालमेल शुरु

Yuva Haryana, Chandigarh हरियाणा मे&…