अब आप हिंदी में पढ़ सकेंगे भगत सिंह के खुद के लिखे विचार, जेल डायरी का अन- एडिटिड वर्जन हुआ तैयार

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Yuva Haryana

23-04-2108

शहीद भगत सिंह की जेल डायरी अंग्रजी और उर्दू के बाद अब हिंदी में भी पढ़ने को मिलेगी। लेकिन खास बात यह है कि यह डायरी अन- एडिटिड होगी। जी हां,  जेल डायरी का अनएडिटिड हिंदी वर्जन तैयार हो चुका है। जो जल्द ही बिक्री के लिए लोगों तक पहुंचेगी।

भगत सिंह के जेल में बिताए हर एक लम्हा, क्रांति की आवाज और उनकी क्रांतिकारी सोच का पैगाम इतिहास बनकर उनकी डायरी में सुरक्षित है। पाकिस्तान की लाहौर जेल में गुजारा हर लम्हा इस 404 पेज की डायरी में दर्ज है।

इसे खुद भगत सिंह के वंशज यादवेंद्र संधू ने तैयार करवाया है। जी हां, भगत सिंह की लिखी गई असली डायरी उनके भतीजे बाबर सिंह के पास थी। उनके मौत के बाद अब यह डायरी बाबर सिंह के बेटे यादवेंद्र संधू के पास है। यादवेंद्र फरीदाबाद में रहते हैं।

उन्होंने बताया कि अब तक भगत सिंह के बारे में जो भी किताबें हैं, उसमें राइटर्स के विचारों की भी छाया दिखती है। जबकि इस डायरी के जरिए, उनके खुद के लिखे विचार पढ़ने को मिलेंगे।

यह डायरी अंग्रेजी और उर्दू में लिखी गई है। भगत सिंह ने लाहौर सेंट्रल जेल एडमिनिस्ट्रेशन से डायरी मांगी थी। इसमें वह कुछ लिखना चाहते थे।
12 सितंबर 1929 को जेल एडमिनिस्ट्रेशन ने डायरी दी थी। अब जो हिंदी जेल डायरी आ रही है, उसमें हर एक शब्द ओरिजनल जेल डायरी के हिसाब से ही होगा। यह डायरी का हिंदी में अनएडिटिड रूप होगा।

बता दें कि  भगत सिंह की यह डायरी अंग्रेजी में पहले ही छप चुकी है। लेकिन हिंदी में नहीं थी। इस किताब में एक तरफ उनकी डायरी के पन्नों की स्कैन कॉपी लगी है> दूसरी तरफ सामने के पेज पर हिंदी ट्रांसलेशन जोड़ा जाएगा।

यह अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इसकी लांचिंग की तारीख निर्धारित की जा रही है। इसे मई के पहले या दूसरे सप्ताह में लांच कर दिया जाएगा।

 

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