हरियाणा में NRC लगाने की तैयारी, सीएम बोले- केंद्र से करेंगे विचार विमर्श

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Umang Sheoran, Yuva Haryana

Panchkula, 07 August, 2018

असम के तर्ज पर हरियाणा में भी अवैध प्रवासियों के राष्टीय रजिस्टर नागरिक की प्रक्रिया के संबंध में बयान दिया है। सीएम ने कहा कि केंद्र में अभी इस पर विचार होगा।

जैसे ही केंद्र से इस संबंध में सभी राज्यों को निर्देश जारी किए जाएंगे सर्वे कर नेशनल रजिस्टर किया जाएगा।

वहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी सर्वे और नेशनल रजिस्टर को लेकर कहा कि ये निश्चित रूप से होना ही चाहिए।

काबिलेज़िक्र है कि असम में सोमवार को जारी राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मसौदे से कुल 3.29 करोड़ आवेदकों में से 40 लाख से ज्यादा लोगों को बाहर किए जाने से उनके भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है।

और साथ ही एक राष्ट्रव्यापी राजनीतिक विवाद पैदा हो गया है।

नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजंस (एनआरसी) के मुताबिक, जिस व्यक्ति का सिटिजनशिप रजिस्टर में नहीं होता है उसे अवैध नागरिक माना जाता है।

इसे 1951 की जनगणना के बाद तैयार किया गया था।

इसमें असम के हर गांव के हर घर में रहने वाले लोगों के नाम और संख्या दर्ज की गई है।

एनआरसी की रिपोर्ट से ही पता चलता है कि कौन भारतीय नागरिक है और कौन नहीं है।

आपको बता दें कि वर्ष 1947 में भारत-पाकिस्‍तान के बंटवारे के बाद कुछ लोग असम से पूर्वी पाकिस्तान चले गए, लेकिन उनकी जमीन असम में थी और लोगों का दोनों और से आना-जाना बंटवारे के बाद भी जारी रहा।

इसके बाद 1951 में पहली बार एनआरसी के डाटा का अपटेड किया गया।

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