मेवात के विकास पर पांच घंटे तक सीएम का मंथन, सीएम ने खुद माना- विकास की जरुरत

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Yuva Haryana
Nuh, 23 Nov, 2018

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि नूंह सहित मेवात क्षेत्र के लोगों के लिए विकास की रूपरेखा नए सिरे से तैयार करने की आवश्यकता है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि सहित सभी क्षेत्रों में काम करने की जरूरत है। इसलिए इस जिला के विकास योजनाओं को तैयार करने व उन्हें लागू करने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जाएगा। इसमें कमिश्नर गुड़गांव मंडल व उपायुक्त सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल आज देश के विशेष आकांक्षा वाले 115 जिलों में शामिल प्रदेश के इकलौते जिला नूंह के विकास कार्यों की समीक्षा को लेकर बुलाई गई मीटिंग में अधिकारियों, देश के बड़े स्टील उद्योगों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। मीटिंग में नीति आयोग द्वारा नूंह जिला के लिए नियुक्त किए केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने भी शिरकत की।

लगातार पांच घंटे चली इस मीटिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि नूंह जिला में भौगोलिक तौर पर विकास कार्यों के साथ-साथ यहां के लोगों के जीवनस्तर में सुधार के लिए भी काफी काम किए जाने की आवश्यकता है। यहां के लोगों की कुछ भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। इस कार्य को एक अच्छा लीडर व बेहतरीन टीम ही कर सकती है। इसलिए जो विशेष मॉनिटरिंग टीम यहां के लिए नियुक्त की जा रही है उस पर यहां बदलाव के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन स्कीम के तहत यहां के दो ब्लाक अभी तक शामिल किए हैं लेकिन अब सभी सातों ब्लाकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मॉनिटरिंग ग्रुप की टीम यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी रखेगी।

मनोहर लाल ने कहा कि मेवात क्षेत्र में सभी विभागों में कर्मचारियों की बड़ी कमी है और जिस भी कर्मचारी की यहां नियुक्ति की जाती है वह तुरंत तबादले की कौशिश में लग जाता है। ऐसे में यहां के लिए अलग कैडर तो बनाया ही गया है लेकिन अब यह भी सुनिश्चित करेंगे कि नई भर्ती के बाद कुछ वर्ष यहां नियुक्ति आवश्यक की जाए। इसके साथ ही यहां मौजूद कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। यहां से किसी कर्मचारी का तबादला करते समय काफी सख्ती बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का आह्वान किया कि वह यहां के पिछड़े क्षेत्र के विकास के लिए अपने कार्य को मिशन के तौर पर लें। उनके उपर एक सोसायटी को उपर उठाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय दो लाख 41 हजार रुपये है और गुरुग्राम जिला की अकेले की प्रतिव्यक्ति आय छह लाख रुपये है। वहीं मेवात के लोगों की प्रतिव्यक्ति आय मात्र 60 हजार रुपये है। एक साथ लगते जिला के साथ इतने बड़े अंतर को हमें समाप्त करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां उद्योगों की संभावना तलाशी जाएं। उद्योगपतियों की यहां आने की हिचक दूर करने का कार्य भी हम करेंगे। लोगों को विश्वास में लेंगे और एनजीओ की मदद भी ली जाएगी। क्षेत्र के विकास का खाका प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की तरफ से जिला को जितना बजट दिया जाता है उसके अतिरिक्त यहां बजट मुहैया करवाया जाएगा। सीएसआर और केंद्रीय इस्पात सहित अन्य मंत्रालयों से भी यहां अधिक मदद करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि केएमपी के निर्माण के बाद यहां विकास का नया रास्ता खुला है। नए विकसित हो रहे आर्थिक गलियारे में यह जिला भी शामिल है और यहां के लिए अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा गुरुग्राम से अलवर हाईवे भी यहां से गुजरेगा और यहां के विकास को नई तरक्की का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने कहा कि सोहना के उद्योग नूंह तक आएंगे। क्षेत्र में पानी की कमी को दूर करने के लिए मेवात कैनाल का निर्माण कार्य को तेज किया जाएगा। इस कैनाल के लिए आईआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके साथ ही केएमपी के साथ-साथ 100 क्यूसिक की पाईपलाईन मेवात के लिए लाई जा रही है और भविष्य में इसे 300 क्यूसिक तक बढ़ाने की भी योजना है।

मेवात के गांवों से फल, फूल व सब्जी के लिए दिल्ली की एक बड़ी मंडी है इसके लिए यहां विशेष क्लस्तर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां की कृषि आधारित जितनी भी योजनाएं हैं उन्हें तत्काल पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यहां बड़े काम किए जाने की आवश्यकता है इसलिए सीएसआर और सरकार मिलकर इन कार्यों को पूरा करने का कार्य करेगी।

केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने मीटिंग के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद करते हुए कहा कि देश के 115 पिछडे़ जिलों में शामिल नूंह हरियाणा का इकलौता जिला है। आज तेजी से तरक्की कर रहे हरियाणा के लिए यह हैरानी की बात है और हमें इसे प्रदेश के अन्य जिलों के साथ कदमताल करवानी है। उन्होंने कहा कि जब सभी 115 जिलों को अलग-अलग मंत्रालयों को विकास एवं निगरानी के लिए दिए जा रहे थे तो नूंह जिला स्वास्थ्य मंत्रालय को दिया गया था, लेकिन हमने नीति आयोग को पत्र लिखकर यह जिला केंद्रीय इस्पात मंत्रालय को देने का अनुरोध किया। हरियाणा से संबद्ध होने की वजह से मैने खुद इस जिला की निगरानी का निर्णय लिया और अब तक यहां कई मीटिंग हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे निर्णय होते हैं जो राज्य स्तर पर लिए जा सकते हैं इसलिए इस मीटिंग का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि हम मेवात के इलाके को लेकर ठोस निर्णय लेंगे तो इससे पूरे प्रदेश को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अब तक अधिकारियों, कर्मचारियों और यहां तक की राजनेताओं को भी यहां आने में दिक्कत हुई। लेकिन यहां की 15 लाख की जनसंख्या को उनका हक मिले इसलिए इस जिला के विकास का बीड़ा उठाया गया है। उन्होंने कहा कि यहां हमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि व उद्योग सहित कई विषयों पर कार्य करने हैं। यहां कृषि व उद्योग की काफी संभावनाएं हैं। जब तक क्षेत्र में शिक्षा नहीं होगी तब तक बात नहीं बनेगी। हम यहां कर्मचारियों को बेहतर सुविधा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यहां हम स्पेशल पैकेज देकर किसानों को जोड़ेंगे तो यहां के लोगों की आर्थिक स्थिति बदलेगी। इस दौरान उन्होंने मेवात क्षेत्र के विकास को लेकर एक खाका भी प्रस्तुत किया।

इस दौरान मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने नूंह जिला के सामाजिक, आर्थिक व विभिन्न क्षेत्रों के विकास को लेकर रिपोर्ट प्रस्तुत की और कहा कि यहां विकास की काफी संभावनाएं हैं। उपायुक्त पंकज ने जिला की वर्तमान स्थिति, चल रही विकास योजनाओं, जरूरतों व अन्य विषयों पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी।

 

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