OLX पर गाड़ी खरीदने के नाम पर हुई ठगी, खुद ने ढूंढ निकाला आरोपी, जानिये कैसे

Breaking अनहोनी चर्चा में बड़ी ख़बरें हरियाणा हरियाणा विशेष

Yuva Haryana, Sonipat

इन दिनों ओएलएक्स पर गाड़ियों की खरीद बेच समेत कई सामानों में ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय है। खासकर ओएलएक्स पर खुद को सेना का कर्मचारी बताकर ठगी करने वाला गिरोह सबसे ज्यादा सक्रिय है। ओएलएक्स पर सस्ती कारों का झांसा देकर ये लोग ठगी कर रहे हैं वहीं सेना के नाम पर जो जनता के बीच विश्वास है उसको भी तार तार कर रहे हैं।

मामला सोनीपत का है। यहां पर कोच मनोज जांगड़ा के साथ ओएलएक्स पर ठगी हुई तो पुलिस ने साथ नहीं दिया लेकिन मनोज ने खुद हिम्मत नहीं हारी और आरोपियों तक खुद ही पहुंच गया और उनसे अपने पैसे भी वापस निकलवा लाया।

दरअसल मनोज ने ओएलएक्स पर वैगनआर कार का विज्ञापन देखा था, जिसके बाद जब मनोज ने विज्ञापन देने वाले शख्स के फोन पर कॉल किया तो उसने बताया कि वह जैसलमेर में है और सेना का जवान है। मनोज ने 18 दिसंबर 2019 को कार का सौदा किया था। जिस नंबर पर बात की थी उसने खुद को अर्पित बताया था और जैसलमेर में आर्मी में पोस्टिंग होने की बात कही थी।

मनोज जांगड़ा के मुताबिक आरोपी ने उसे गाड़ी की कीमत एक लाख रुपये बताई थी जिसके बाद गाड़ी का सौदा 80 हजार रुपये में तय हो गया। गाड़ी को भेजने के लिए आरोपी अर्पित ने 5100 रुपये और बीमा के 15 हजार रुपये 25 दिसंबर को मंगवाए। इसके बाद जब गाड़ी नहीं आई तो मनोज को शक हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है। आरोपी ने मनोज से पैसे गूगल पे के जरिये मंगवा लिये थे। मनोज ने गूगल पे के जरिये 21 हजार रुपये भेज दिए।

जब आरोपी ने उससे ओर पैसे मांगे तो अंदेशा हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ जिसके बाद उसने गाड़ी की बुकिंग कैंसिंल करने को कहा और पैमेंट वापस मांगी। परंतु आरोपी ने ना तो गाड़ी दी और ना ही पैसे लौटाए। इसके बाद पीड़ित मनोज ने पुलिस चौकी में शिकायत भी की लेकिन कोई मदद नहीं मिली।

इसके बाद मनोज जांगड़ा ने खुद की हिम्मत जुटाई और आरोपियों की तलाश शुरु कर दी । आरोपियों ने वाट्सएप पर गाड़ी की आरसी और आधार कार्ड भेजा था, उसी के आधार पर उसने जांच शुरु कर दी। जब एम परिवहन एप पर चेक किया तो आधार कार्ड और आरसी का एक ही पता मिला जिसके बाद उसे शक हुआ कि पैसे ऐंठने वाला व्यक्ति असली पते सेही सब कुछ कर रहा है, जिसके बाद मनोज उसी पते के आधार पर दिल्ली के जनकपुरी इलाके में पहुंच गया।

पीड़ित मनोज जांगड़ा

जब वह आरसी और आधार कार्ड पर लिखे पते के अनुसार पहुंचा तो वहां पर एक युवक मिला। उस युवक को जब ठगी की बात बताई तो उसने कहा कि भैया घर पर नहीं है, एक घंटे बाद आप आना। इसके बाद एक महिला का कॉल मनोज के नंबर पर आया और महिला ने कहा कि वो गाड़ी नहीं बेच रहे हैं। महिला ने मनोज को दिल्ली मैट्रो स्टेशन पर बुलाया और 21 हजार रुपये लौटा दिये।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *